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Editorial
कामसूत्र क्या सिर्फ प्रेम और कामवासना को समझने के लिए लिखी गई थी?
काम (सेक्स) निषेध कर दो...साथ घूमना...गले में हाथ डालना...आलिंगन करना...ये सब निषेध है इस्लामिक मानसिकता में...भारत का इससे कोई लेना देना नहीं है।
आचार्य धीरेंद्र शास्त्री जी का प्लॉट वाला बयान अपराध है या उनकी भूल ?
क्या शास्त्री जी अपने देहाती संस्कार के कारण इसी फ्रेम के शिकार हैं?
जैन समुदाय वन्दनीय क्यो है ?
माँसाहार को जीवनशैली या भोजन की पसंद का विषय समझने वाले माँसभक्षियों को अनुमान नहीं है कि मनुष्यों के नीचे जो पशुओं का लोक है, वहाँ कितना सघन विषाद इस अनाचार के कारण निर्मित हो गया है, और…
विवेकानंद के माँसाहार पर क्यो बहस छिड़ी हुई है?।
विवेकानंद तो क्या, साक्षात् ईश्वर भी आकर कहें कि माँसभक्षण करो तो इस आदेश के उल्लंघन से संकोच नहीं करना चाहिए!
शिव के त्रिशूल पर बसी काशी कभी समाप्त न होने वाली नगरी क्यो है ?
मिस्र के फराओ मन्दिर एक बार टूटे, फिर कभी न बन सके और मिस्र समाप्त हो गया। फारस के अग्नि मन्दिर एक बार टूटे फिर वहाँ कभी अग्नि की आराधना नहीं हुई। फारस समाप्त हो गया। यूनान में एक बार उनके…
क्या आप “थाईलैंड की अयोध्या” के बारे में जानते है ?
क्या असली राम राज्य थाईलैंड में है?
बौद्ध होने के बावजूद थाईलैंड के लोग अपने राजा को राम का वंशज होने से विष्णु का अवतार मानते हैं , इसलिए थाईलैंड में एक तरह से राम राज्य है । वहां के राजा…
दिल्ली में पानी के प्राचीर
मुख्य मंत्री केजरीवाल ने तो शरणार्थी बांग्लादेशियों , रोहिंग्याओं के लिए बाढ़ से बचाने के लिए पलक पांवड़े बिछा दिए हैं। अत्याधुनिक टेंट लगवा दिए हैं। बसें लगा दी हैं। दिल्ली के मूल निवासी ,…
जिहाद तो एक आइडियॉलॉजी है इससे कैसे लड़ा जा सकता है?
सामान्य जीवन जीते हुए इस्लाम की अग्नि परीक्षा से गुज़रना बहुत कठिन है । न जाने कब हलाल की जगह हराम खा जायें । अल्लाह के सिवा किसी और के नाम पर अर्पित प्रसाद भी हराम है । अगर हलवाई ने पहली…
वैश्वीकरण कैसे काम करता है, इसको ज़रा समझें
न केवल सऊदी अरब, बल्कि समूचा मुस्लिम जगत कालांतर में रूस-चीन धुरी का एलाई बनेगा। इसमें कोई संदेह नहीं है। पश्चिम से इस्लामिक जगत टकराव की स्थिति में है।
सोमनाथ को भगवान भोलेनाथ का पहला ज्योतिर्लिंग क्यो कहा जाता है?
पवित्र सोमनाथ मंदिर को आतंकियों ने कुल सात बार तोड़ा है। सबसे पहले सन 725 ई में सिंध के सूबेदार अल जुनैद ने, फिर सन 1024 ई. में मोहम्मद गजनवी ने, सन 1297 में अलाउद्दीन खिलजी ने, फिर सन 1395ई…