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Editorial
रक्षाबन्धन के समय को लेकर थोड़ा सा मतभेद क्यो बना हुआ है?
और हाँ। हमारे यहाँ की मान्यताओं के अनुसार रक्षाबन्धन 31 अगस्त को है, क्योंकि उस दिन पूर्णिमा में सूर्योदय हो रहा है सो दिन भर पूर्णिमा ही मानी जायेगी।
प्लूटो को देखकर कलेजा धक्क से क्यो रह गया ?
वर्ष 1990 के आसपास वोयजर प्रोब प्लूटो के पास से होकर गुज़रा था, तो उसकी तस्वीर नहीं खींच सका था, क्योंकि प्लूटो उस समय घर पर नहीं था। वो अपनी ऑर्बिट में कहीं और था। वोयजर की दिलचस्पी यूरेनस…
क्या आप भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग की महिमा जानते है?
लोक ईश्वर से किस तरह अपनत्व गांठ लेता है, इसके सबसे सुन्दर उदाहरण हैं भीमाशंकर महादेव। यहाँ का शिवलिंग सामान्य से अधिक मोटा है, इसलिए इन्हें स्थानीय लोग मोटेश्वर महादेव भी कहते हैं। वही बात…
तो फिर नरेंद्र मोदी की यह कमीज की कॉलर की बटन मुसलसल बंद क्यों है ?
मोदी के कुर्ते के कॉलर की बटन बंद होना तो समझ आता है पर यह कमीज़ की कॉलर की ? इसी लिए कहा कि कुंठित कांग्रेसी जन या विषैले वामपंथी के लिए यह शोध का विषय है। यह लोग चाहें तो कुछ वैज्ञानिक ,…
सफलता में भी असफलता के पड़ाव का पहाड़ा
आख़िर यह कौन सा इंडिया है जो भारत की सफलता में घुन बन कर बारंबार उपस्थित होने के लिए अभिशप्त है। कांग्रेस के दरबारी बुद्धिजीवियों , लेखकों और पत्रकारों की स्थिति और बदतर है। रवीश और पुण्य…
चाँद पर झंडा और झंडे में चाँद
Positive India:Rajkamal Goswami:
बहुत सारी उम्मीदें हैं प्रज्ञान रोवर से और प्रज्ञानानंद से । विश्व कप शतरंज फ़ाइनल में भारतीय चुनौती प्रज्ञानानंद ने कार्लसन के साथ दूसरे राउंड का मैच भी…
चंद्रयान-3 ने चंद्रमा पर फहराया तिरंगा
चंद्रयान की ओर टकटकी लगा कर देखते लोगों में अधिकांश को विज्ञान की अधिक समझ नहीं है, पर इस उपलब्धि ने सबकी छाती चौड़ी कर दी है।
बाबा बैजनाथ की कथा कौन नहीं जानता ?
बैजनाथ धाम के शिवलिंग को कामना लिंग कहते हैं। रावण ने भोलेनाथ से मांगा था कि अपना ऐसा विग्रह दीजिये जो मेरी हर मनोकामना पूरी कर दे। देवघर में स्थापित भोलेनाथ अपने भक्तों की हर कामना पूरी…
चन्द्रयान में भारतीयों की अत्यंत रुचि को देखकर दुनिया चकित क्यों है?
मैं चकित होता हूँ चन्द्रयान में भारतीयों की अत्यंत रुचि को देखकर, क्योंकि जानता हूँ कि रुचि का आधार विज्ञान नहीं है। रुचि का आधार राष्ट्र-गौरव है। यह अभियान घमंड करने का एक और मौक़ा दे सकता…
इ मोदिया ने हैट्रिक मार दिया तो दलालों,लूटेरों, और गबनखोरों का क्या होगा?
अब देखियेगा कि कैसे झूठा नैरेटिव परोसा जायेगा और कैसे सेट एजेंडे पर चलते हुये उसे फेक वीडियो,फेक न्यूज के जरिये फैलाया जायेगा।