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Editorial

वो कौन लोग हैं जो भारत माता की जय कहने को भी गाली समझते हैं?

पर इन दंगाइयों और आतंकियों को मां की फ़िक्र कहां है भला ? वह तो इसी गुमान में जीते हैं कि उन की कोई मां नहीं है और जाने किस गुमान में , अपनी बेहूदगी में कहते फिरते हैं कि किसी के बाप का…

सन्देशखाली में नव ब्याहता को कुछ दिन पार्टी कैडर के नेताओं को “खुश” करने…

सन्देशखाली में सुंदर स्त्रियों को उनके पति व बच्चों से अलग कर दिया जाता। वह तभी वापस घर जा पाती जब शाहजहां शेख और उसके गुर्गे तृप्त हो जाते।

पंजाब के अराजक और हिंसक किसान किसानों के नाम पर धब्बा क्यों हैं?

किसान के नाम पर धब्बा हैं यह किसान। अराजक शक्तियों के हाथ बिके हुए यह लोग देश और समाज का जितना नुकसान करते ही जा रहे हैं। इन को कुचल कर रख देना चाहिए। क़ानून व्यवस्था , देश और समाज के लिए…

आचार्य विद्यासागरजी अध्यात्म के साथ ही साहित्य में भी समाभ्यस्त थे।

"मूकमाटी" कृति आचार्य विद्यासागरजी के अंतर्जगत में प्रवेश की कुंजी है! आचार्य विद्यासागरजी ने सल्लेखना की रीति से अन्न-जल का त्याग कर महासमाधि ली थी। उससे पूर्व आचार्य-पद और वाणी का भी…

आचार्य के अवदान से गुलज़ार ज्ञानपीठ

1976 में सात स्वर्ण पदकों और कुलाधिपति स्वर्ण पदक के साथ रामभद्राचार्य जी ने आचार्य की परीक्षा उत्तीर्ण की थी। रामभद्राचार्य भी संस्कृत के बड़े रचनाकार हैं। कवि हैं। अनेक महाकाव्य , खंड…

त्रिवेणी के विलाप का यह विन्यास

Positive India: Dayanand Pandey: कल हम भी प्रयाग हो आए। गए थे एक पारिवारिक काम से। पर थोड़ा समय मिला तो कुंभ नगरी भी गए। जा कर कुंभ का जायज़ा भी लिया। गए थे संगम नहाने, गंगा नहा कर लौटे।…