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Editorial
हमारे समाज सेवक समाजसेवी है या स्वयंसेवी??
मक्कार किस्म के सेवी इतने मीठे होते है कि शहद भी शर्मा जाय, ? मानना पड़ेगा सेवी की शतरंज की चाल ऐसी रहती है की वास्तविक समाजसेवी तिनके के बराबर उड़ जाते है।
शत्रु आखिर किसके मित्र??
समाजवादी पार्टी के वे इतने कृतघ्न हो गये कि उन्होंने अखिलेश यादव को प्रधानमंत्री का बेहतर उम्मीदवार ही बता दिया । ऐसा कर उन्होंने राहुल गांधी के साथ भी बेइंसाफी कर दी
राजनीति की कड़वी सच्चाई– मैं ये क्यो नही हुआ?
मै क्यो नही किसी बड़े राजनीतिक परिवार के यहां जन्म लिया जिससे वंशानुगत राजनीति का हिस्सा बन जाता ?
हिंदू आतंकवाद का घिनौना चेहरे बनाने का आरोप अंततःढेर हो गया
अब ये इक्कीसवी सदी का लोकतंत्र है यहां का मतदाता अब इतना सयाना हो गया है कि अपने भले बुरे के बारे मे सब जानता है ।
क्या तुष्टिकरण की पराकाष्ठा ही धर्म निरपेक्षता है ?
वोट के लालच मे इन लोगो को बांग्लादेशी मुसलमान मंजूर है ,इनहे रोहिंगया भी मंजूर है । पर इन लोगो मे से कोई एक बंदा नही निकला कि काश्मीर के पंडितो के लिए आवाज उठाता.
चुनाव बनाम टुकड़े – टुकड़े गैंग और मोदी लहर
नरेंद्र मोदी आक्रामक रूप से पहले प्रधानमंत्री है जिन्होंने पाक को सत्तर साल मे उसकी औकात दिखाई है.
महा गठबंधन की सच्चाई-एक अनार सौ बीमार
आज प्रत्याशी कौन है किसी को मतलब नही है, पूरा चुनाव पांच छह चेहरो के इर्द-गिर्द ही घूम रहा है । यहां ये साफ है प्रत्याशी की जगह हार जीत भी चेहरो की है
इस्लामिक स्टेट ने ली श्रीलंका के बम धमाकों की जिम्मेदारी।
जहां तक नैशनल तौहीद जमात की बात है तो इसकी जड़ें भारत के दक्षिण राज्यों में भी फैली हुई है, और यही सबसे बड़ी चिंता का विषय है .
साध्वी प्रज्ञा , भगवा आतंकवाद और शहीदो पर घड़ियाली आंसू बहाने वाले
भगवा आतंकवाद की थ्योरी पर काम करने वालो का नाम उजागर करने का समय आ गया है
बस्तर जल रहा है- कनक तिवारी-भाग-4
Positive India: Kanak Tiwari.
पूरी दुनिया में पदार्थिक और व्यापारिक सभ्यता ने आदिवासी जीवन का मटियामेट किया है। न्यूजीलैंड, आस्ट्रेलिया, उत्तर अमेरिका, केनेडा और दक्षिण अफ्रीका वगैरह में…