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Editorial
काले पानी की सेल्यूलर जेल की प्रताड़ना और क्रांतिकारी महावीर सिंह
महावीर सिंह हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपबलिक पार्टी के सक्रिय कार्यकर्ता थे । 1929 मे लाहौर षड्यंत्र कांड मे गिरफ्तार किया गया । सन 1933 के प्रथम भूख हड़ताल मे भाग लिया । 17 मई सन 1933 को जबरन…
काले पानी की सेल्यूलर जेल की अनकही कहानियां
किसी को तड़पा तड़पा कर जिंदा रखने का नाम ही सेल्युलर जेल था । चलो आज शहीद पंडित रामरक्खा की शहादत के बारे मे बात की जाए । पंडित रामरक्खा सुपत्र श्री जवाहिर राम, निवास स्थान सदर होशियार पुर…
DRDO Displays Its Might At Republic Day Parade
The DRDO showcased the ASAT missile used in Mission Shakti.The DRDO-developed products such as surface-to-air-missile ‘Akash’, Mobile Bridging System ‘Sarvatra’, beyond visual range…
Happy Republic Day To All Indians
Positive India:New Delhi,26January:
Today, India is celebrating its 71st Republic Day. At Redfort, President of India Ramnath Kovind unfurled Tricolour and took the salute of our mighty…
Pariksha Pe Charcha 2020 By PM Modi Is Enthusing Students
Motivation, demotivation are very common. Everyone goes through these feelings. In this regard, I can never forget my visit to ISRO during Chandrayaan and the time spent with our hardworking…
भारत के खिलाफ विपक्षियों ने खड़ा किया शाहीन बाग का आंदोलन
शाहीन बाग(#shahinbagh)का आंदोलन बिल्कुल प्लांट कर किया गया है । लोगो मे खौफ पैदा किया गया है। जैसे खबरे आ रही है, विदेशी विशेष कर दुश्मन देश के हाथ होने से इंकार भी नही किया जा सकता ।
क्रांतिवीर बाबा भान सिंह जिन्हे सेल्युलर जेल में शहादत मिली।किस्त-5
बाबा भानसिंह सुपुत्र सारण सिंह, लुधियाना पंजाब के थे । सन 1915 मे जो लाहौर कांड हुआ, उसके कारण इन्हे आजन्म कारावास के तहत कालापानी की सजा के कारण सेल्यूलर जेल मे रखा गया । जेल मे जेलरक्षको…
सेल्यूलर जेल की सलाखें भी क्रांतिकारियों के हौसलों को पस्त नहीं कर पाईं ।किस्त 4
हर क्रांतिकारी की अलग अलग कहानी और उनके अपने रोमांचकारी तेवर, जो हर भारतीयो मे सिहरन पैदा कर दे । अंग्रेजी हुकूमत की बर्बरता का यह आलम था कि किसी को बात करते देख ले, तो चमड़ी उधडते तक कोड़े…
काले पानी की सेल्यूलर जेल की कहानी। तीसरी किस्त
सेल्यूलर जेल में क्रांतिकारियों को बैलो के समान कोल्हू में बैल के स्थान पर जोता जाता था । इसमे प्रतिदिन अगर खोपरा तैल है तो 13 पौंड और सरसो तैल है तो 10 पौंड निकालना होता था । नही निकलने पर…
जब काले पानी की वाईपर पर जेल छोटी पड़ने लगी तब बनी सेलुलर जेल। द्वितीय किस्त
सेलुलर जेल को बनाने मे करीब तीन करोड ईंटो का उपयोग किया गया । सन 1896 से सन 1906 तक दस साल इस जेल को बनने मे लगे । इस जेल मे क्रांतिकारियों को इस लिए लाया जाता था कि मानसिक रूप से टूटे । उस…