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Editorial
डर गया हूं , लखनऊ के इस नि:शब्द विलाप से
लखनऊ ने खुद को सब तरफ से बंद कर लिया है। लखनऊ का यह विलाप देखा नहीं जाता। दम घुटता है। शामे-अवध गोमती के सड़े हुए जल और ध्वस्त हो चुके सिस्टम में जैसे दफ़न हो गया है।
जिन्ना का डिवाइड इंडिया-डिस्ट्राय इंडिया का खेल अभी भी बदस्तूर जारी है , बस डायरेक्ट…
"डिवाइड इंडिया - डिस्ट्राय इंडिया" का हामीदार जिन्ना तैमूर , अलाऊदीन खिलजी , औरंगजेब आदि का मिला-जुला कॉकटेल था। याद कीजिए जिन्ना का डायरेक्ट एक्शन प्लान। इतिहास का सब से बड़ा नरसंहार का दिन…
बंगाल में ममता बनर्जी के लहू तंत्र पर एक व्यथित ग़ज़ल
लो शपथ लेने लगी है मंथरा,
कह रही उसका अनोखा त्याग है।
पश्चिम बंगाल को अब सिर्फ़ और सिर्फ़ सेना और सेना के बूट ही संभाल सकते हैं
ममता बनर्जी के कुशासन ने सेक्यूलरिज्म का पहाड़ा पढ़-पढ़ कर इस सांप्रदायिकता की भट्ठी को और गरम कर दिया है। इतना कि अब इसे सिर्फ़ और सिर्फ़ सेना और सेना के बूट ही संभाल सकते हैं।
जीत के बाद बंगाल को हिंसा में झोंकती ममता बनर्जी
बस्तियाँ जलने लगीं हैं शाम से,
रहनुमा को फिक्र है आराम की।
पश्चिम बंगाल में भाजपा की हार से नरेंद्र मोदी की जिताऊ छवि फिर हुई चकनाचूर
ममता बनर्जी ने ह्वील चेयर पर ही बैठ कर नरेंद्र मोदी की जीत का धनुष तोड़ दिया। वाण चलाते भी तो भला कैसे ? ममता को मिली सहानुभूति के आगे सारी रणनीति , साइलेंट वोटर स्वाहा हो गए। चंडी पाठ के आगे…
ममता बैनर्जी ने पश्चिम बंगाल में खेला कर दिया
मोदी जी ने भी वही गलती की जो कभी उनके खिलाफ सोनिया गांधी जी ने की थी । जितने बार दीदी को संबोधित किया उतने ही कमजोर होते चले गये ।
खुद को राजनीतिक रूप से मिटा देने की कीमत देकर भी नरेन्द्र मोदी को हराना है
प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ विपक्ष विशेषकर कांग्रेस राजनीतिक लड़ाई लड़ ही नहीं रही है। खुद को राजनीतिक रूप से मिटा कर भी वो नरेन्द्र मोदी को हराना चाहती है। ऐसा क्यों है.?
इसका कारण है…
कोरोना की ओट मे छिपे गिद्ध भारत मे अफरा तफरी मचाना चाह रहें हैं
जिनके नथुनो मे माओ,चेग्वेरा और लेनिन के अंडरवियर की गंध बसी है.....वही इस बॉयोलॉजिकल वॉर को डिफेंड करने के लिये जनता का ध्यान भटकाने के लिये बार बार ऑक्सीजन,वैक्सीन और रेडमीसीवर को लेकर छाती…
पांच करोड़ रुपए दिलाने की बिना पर रोहित सरदाना की मृत्यु के जले पर पूरे दिल से नमक…
रवीश कुमार द्वारा रोहित सरदाना पर लिखे श्रद्धांजलि लेख में यही एक कोढ़ नहीं है। कोढ़ और नफरत का एक प्राचीर सिलसिलेवार है।