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Editorial
योग्यता पिट जाती है आरक्षण तोड़ता बहुत है
जातियों का भस्मासुर अब बड़ी गांठ हो गई,
राजनीति का रेगिस्तान अब तोड़ता बहुत है।
NCRB के दस्तावेजों के अनुसार उत्तरप्रदेश में नहीं बंगाल में चल रहा है जंगलराज
ममता के बंगाल में हत्या के प्रयास सरीखे जघन्य अपराध की दर उत्तरप्रदेश से 480 % अधिक थी।
बंगाल में अपहरण करने सरीखे जघन्य अपराध की दर उत्तरप्रदेश से 177 % अधिक थी।
बंगाल में महिलाओं के…
ऐसा लगता है कि नौ सौ चूहे खा कर बिल्ली हज को जा रही है
ममता बनर्जी के संरक्षण में TMC के गुंडों द्वारा "कट मनी" और "टोलाबाजी" नाम से पूरे बंगाल में बरसों से की जा रही संगठित लूट सरीखा एक भी उदाहरण पूरे उत्तरप्रदेश में नहीं मिलेगा।
सेक्युलरिज्म नाम का भयानक चेहरा शोभा मजूमदार की हत्या से एकबार फिर हुआ पूरी तरह नंगा
TMC के गुंडों द्वारा 85 वर्षीय असहाय, निर्बल, निर्धन, वृद्धा शोभा मजूमदार की हत्या पर वो केजरीवाल और राहुल गांधी भी गूंगों की तरह चुप्पी साधे है, जो बछड़ाचोर गौहत्यारे अख़लाक़ की मौत के गम में…
पक्का हो गया कि दो मई को बंगाल में पोरिबोर्तन होबे
लोकतांत्रिक रूप से बंगाली जनमानस के अंदर भरे भड़ास के विस्फोट का आरम्भ हो चुका है।
शरद पवार की बात और वायदे की औकात दो कौड़ी की भी क्यो नहीं रह गयी?
नरेन्द्र मोदी से सम्भवतः पहली बार इतनी बड़ी राजनीतिक चूक हुई है। इसका कारण भी सम्भवतः यही है कि दो कद्दावर राष्ट्रीय नेताओं के मध्य हुई वार्ता और विश्वास का उपयोग दोनों में से एक नेता द्वारा…
बंगाल में ममता बनर्जी के लिए चुनावी हवा उलटी और बहुत तेज बह रही है।
ऐसा नजारा आज से 44 साल पहले देखा था। जब आपातकाल हटने के तत्काल बाद हुए चुनाव में संजय गांधी के गैंग के भय से सहमी जनता कुछ बोल नहीं रही थी लेकिन जब चुनाव परिणाम आया था तो इंदिरा गांधी और…
मोदी के आने से देश मे दशकों से सक्रिय दीमको के कुनबे मे क्यो मचा जबरदस्त हड़कंप?
मिशनरी,मदरसा,मौलाना और देश की सभी विरोधी पार्टियां क्यों एकजुट होकर मोदी के विरोध मे अपना मुखौटा,अपना बुर्का उतार कर मोदी के विरोध मे खडे हो रहे है.....कुछ तो अंदरखाने मे हो रहा है…
इसलिए सर्वश्रेष्ठ हैं मुख्यमंत्री योगी
4 वर्ष में 50% तक वृद्धि तो स्वाभाविक प्रतीत होती है लेकिन योगी काल में एकदम से 200-300 प्रतिशत की वृद्धि डंके की चोट पर यह ऐलान करती है कि पहले चोरी हो रही थी जिस पर अब रोक लग गयी है।
अपना पावर खोते शरद पवार
आर्थिक घपलों के गड्ढे पवार के पास भी बहुत हैं। गड्ढे उन के भी खुलने लगेंगे तो सारा पावर , पाव-भाजी खाने लगेगा और वह कुछ नहीं कर पाएंगे और लालू यादव की दुर्गति को प्राप्त कर जाएंगे।