www.positiveindia.net.in
Browsing Category

Editorial

हिंदी की लाठी हैं लता मंगेशकर

लता मंगेशकर हिंदी की लाठी हैं तो इसे लंठई नहीं मानेंगे आप। क्यों कि देश के किसी भी हिस्से में चले जाइए, भाषाएं आप को बदलती मिलेंगी पर लता की आवाज़, उन के गाए गीत हर जगह बजते मिलेंगे।…

तो आप मशालची बन कर क्यों उपस्थित हैं ?

अगर खेती भी उद्योगपतियों के हाथ जाती है तो बुरा क्या है। खेती को भी किसी उद्योग की तरह लाभदायी बनाना बहुत ज़रूरी है। किसानों को आखिर कब तक भिखारी बनाए रखना चाहते हैं हमारे विपक्षी दल ? राज्य…

नरेंद्र मोदी सिर्फ इवेंट के ही नहीं रणनीति के भी मास्टर हैं

नरेंद्र मोदी धूर्तों के धूर्त , कमीनों के कमीने , दोस्त के दोस्त और दुश्मन के महादुश्मन। असंभव को संभव करने वाले। दुनिया इस का लोहा मानती है। यकीन न हो तो तीन तलाक़ , 370 जैसे कुछ असंभव…

अखिलेश यादव ने 19 दुर्दांत आतंकवादियों की रिहाई का आदेश क्यों दिया था?

अखिलेश यादव ने 19 दुर्दांत आतंकवादियों के खिलाफ दर्ज सभी मुकदमे बिना शर्त वापस ले कर उनकी रिहाई का आदेश दिया था । हाई कोर्ट ने उनके आदेश को रद्द कर दिया। उन 19 आंतकवादियों में से 5 आतंकियों…

मोदी का असली मक़सद जिन्नावादी राजनीति पर अलीगढ़ी ताला लगाना ही है

अलीगढ़ यूनिवर्सिटी पर चढ़ा मुस्लिम लीग का रंग का फीका नहीं हुआ। नफ़रत का नश्तर और तेज़ हुआ है। हां , यह ज़रूर हुआ है कि मुस्लिम लीग की बदबू से बचने के लिए यहां कुछ लोगों ने कम्युनिस्ट होने का…

भारत अब कृषि प्रधान देश नहीं कारपोरेट प्रधान देश है

भारत अब कारपोरेट प्रधान देश है। यह तथ्य किसान आंदोलन के खिदमतगारों को जान लेना चाहिए। इस सचाई को हमारे वामपंथी साथियों समेत तमाम आंदोलनकारियों को समय रहते जान-समझ लेना चाहिए। आवारा पूंजी ही…

घबराइए नहीं अभी यही अमरीका थूकेगा और यही तालिबान चाटेगा

9 / 11 अमरीका की दुखती रग है। तालिबान ने बड़ी ग़लती कर दी है , यह तारीख़ चुन कर। आप पूछेंगे , फिर भारत ? तो जानिए कि अब की बंदूक़ भारत की है और कंधा अमरीका का। नरेंद्र मोदी को आप क्या समझते हैं…