
अमेरिका ने अवैध रूप से घुसे भारतीय आप्रवासियों को भारत भेजना शुरू कर ही दिया
-राजकमल गोस्वामी की कलम से-

Positive India: Rajkamal Goswami:
आख़िर अमेरिका ने अवैध रूप से घुसे भारतीय आप्रवासियों को भारत भेजना शुरू कर ही दिया । सुना है हथकड़ी बेड़ी से जकड़ कर मिलिटरी हवाई जहाज़ से भेजे जा रहे हैं । अब हवाई जहाज़ में उनके स्वागत के लिए एयर होस्टेस तो होंगी नहीं केवल सेना के कुछ जवान होंगे । इतने सारे यात्री जो ज़बरन निकाले जा रहे हैं सुरक्षा कर्मियों पर हमला करके जहाज़ ही न अगवा कर लें तो हथकड़ी लगाना ज़रूरी समझा गया ।
जहाज़ आज अमृतसर पहुँचेगा । भारत और भारतीयों के लिये यह बड़े अपमान की बात है पर दोष भी इन भगोड़ों का ही है । अमेरिका कोई भारत नहीं है जो करोड़ों घुसपैठियों को अपने अंदर समेट ले , उन्हें वोटिंग का अधिकार दे दे और चुनाव लड़ कर मंत्री तक बनने की छूट दे दे । ऐसा हमारी बनाना डेमोक्रेसी ही कर सकती है । भारत के तो कई जिलों का जनसंख्या संतुलन ही बिगाड़ दिया है अवैध आप्रवासियों ने ।
समय रहते अगर पौधे की काट छाँट नहीं की जाती तो अनियंत्रित शाखायें मजबूत डाल बन जाती हैं और फिर उन्हें काटना बहुत मुश्किल हो जाता है । अब जब अवैध आप्रवासियों को उनके सुरक्षित ठिकानों से खोज कर निकाला जायेगा तो सरकार को भारी प्रतिरोध का सामना करना होगा । भारत के भ्रष्ट सरकारी तंत्र से मिल कर अब तक उन्होंने इतने पहचान पत्र तैयार करा लिये होंगे कि अपने निष्कासन को न्यायालय में चुनौती दे सकें ।
डोनाल्ड ट्रम्प का अमेरिकी राष्ट्रपति के रूप में यह अंतिम कार्यकाल है , तीसरी बार वे अमेरिका के राष्ट्रपति नहीं बन सकते । भारत में उनकी बहुत ज़रूरत है । कोशिश करके एक बार भारत सरकार की बागडोर उन्हें दे दी जाये तो शायद भारत में भी स्वच्छता अभियान शुरू हो सके । भारत में किसी नेता में इतना दृढ़प्रतिज्ञ और दृढ़निश्चयी होने के लक्षण दिखाई नहीं देते जो सत्तारूढ़ होने के एक सप्ताह के अंदर अपना एजेंडा लागू करना शुरू कर दे ।
राजकमल गोस्वामी