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जिला मुख्यालय के लिए मानपुर में एक बिघा जमीन नहीं, मोहला में तलाश शुरू

चौकी में 100 एकड़ जमीन आरक्षित।

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Positive India:एनीशपुरी गोस्वामी;अंबागढ़ चौकी:
राजनांदगांव से पृथक होकर मोहला, मानपुर, अंबागढ़ चौकी नए जिले का नामकरण हो गया। मोहला, मानपुर, अंबागढ़ चौकी में जिले के विभागीय दफ्तर मुख्यालय को लेकर 15 अगस्त से अंतर कलाह मचा हुआ है। इसी बीच बड़े-बड़े सरकारी कार्यालय को स्थापित करने का ख्वाब देख रहे मानपुर के भीतर एक बीघा सरकारी जमीन नहीं है। मोहला में राजस्व विभाग जिला की राजधानी बसाने जमीन तलाश रही है, तो जिले के लिए अंबागढ़ चौकी में 100 एकड़ का भूखंड आरक्षित हैं पर हाथ में विभाग नहीं।

उल्लेखनीय है कि 15 अगस्त को राजनांदगांव से मोहला मानपुर अंबागढ़ चौकी को नए जिले के रूप में पृथक कर दिया गया। घोषणा के बाद इधर तीनों विकास खंडों में विभागों के जिला मुख्यालय तब्दील करने कि कार्रवाई में भूखंडों की तलाश में अफसरों को बरसात के मौसम में पसीने बहाने पढ़ रहे हैं। मानपुर की स्थिति पर नजर डालें तो बताया जा रहा है कि मानपुर में एक बीघा शासकीय जमीन राजस्व की नहीं है, जिससे दफ्तरों की चमचमाती बिल्डिंग तैयार हो सके। वही, मोहला के धोबेदंड और आरटीआई के बगल मे नजरी नक्शा के साथ राजस्व विभाग जमीन के पड़ताल में जुटा हुआ है। अंबागढ़ चौकी की बात करें तो 1992 से अंबागढ़ चौकी ,मोहला ,मानपुर को जोड़कर एक पृथक जिला की मांग रखते हुए अंबागढ़ चौकी नगर पंचायत के अधीन 100 एकड़ जमीन विभागीय मुख्यालय को बसाने आरक्षित करके रखा गया है, परंतु अंबागढ़ चौकी के हाथ जिला मुख्यालय का कार्यालय नहीं।

विशेष:

1) नक्सली पीड़ितों को बसाने 45 डिसमिल जमीन नही:-
विगत 1 साल से मानपुर के नक्सल पीड़ित 15 परिवारों को मानपुर मुख्यालय में बसाने शासन स्तर से 40 लाख रुपए आवंटन हुआ है। सालों से अपना गांव घर बार छोड़ कर झोपड़ी में निवासरत नक्सल पीड़ित प्रत्येक परिवारों को तीन-तीन डिसमिल मे घर बनाकर बसाने की योजना खटाई में पड़ गई है। नगर के भीतर किसी भी कोने में 45 डिसमिल राजस्व की भूखंड मानपुर नगर में नहीं है।

2) 40 भूमिहीनों का आवास हो गया वापस:-
मानपुर ग्राम पंचायत में निवासरत भूमिहीन नंदू राम ,आशीष, यादव हीरोदा, केसर, ननकू दास, बसंत साहू, नरेश मंडल, हीरा सिंह पटेल, सालिका, मनोरंजन, संजय यादव, गणेश राम यादव, धनेश यादव, विष्णु बहादुर, रविंद्र वर्मा, जीवन, नरेंद्र, पूना भरद्वाज, बुधराम, सुखराम, अजोरसिह, परसराम, सुंदरलाल, सुखलाल, रामलाल गंधर्व, परसराम आदि 40 ग्रामीणों का प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवंटन आया परंतु जमीन नहीं होने के कारण इन भूमिहीन परिवारों का घरौंदा वापस हो गया।

3) जिला मुख्यालय के लिए इनकी जरूरत:-
नये जिले के विस्तार के लिए बताया गया कि पर्याप्त भूखंड, कार्यालय और व्यवसाई व्यवस्था के लिए पेय जल का बड़ा स्रोत जैसे बांध, अंतिम छोर के ग्रामीणों के लिए कम दूरी में आसान मुख्यालय की व्यवस्था के साथ साथ-साथ अधिकारी और व्यवसाई आम लोगों की सुरक्षा से लैस जिला मुख्यालय की अधोसंरचना की जाती है।

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