Positive India: Dayanand Pandey:
किसी के दिल को लुभाना हो, दुलराना हो या फ़िर दिल की या किसी भी तकलीफ़ की तफ़सील मे जाना हो लता मंगेशकर कि आवाज हर मोड़ पर मुफ़ीद जान पड़ती है। राज्य सभा में…
हसन नसरुल्ला के मारे जाने के साथ ही हिजबुल्ला की कमर टूट चुकी है। जो काम इसराइल हमास के साथ 11 महीनों में नहीं कर पाया, मात्र 10 दिन के अंदर हिजबुल्लाह के साथ कर दिया।
हमास की बेइंतिहा पिटाई अभी पूरी भी नहीं हो पाई थी कि ईरान ने हिज़्बुल्लाह को शेर के मुँह में डाल दिया । जितना बुरा हाल हमास का हुआ उससे कहीं बुरा हश्र हिज़्बुल्लाह के लड़ाकों का होगा ।
आरक्षण की खीर खाने के लिए कुतर्क करते रहिए। मौज करते रहिए। नो प्रॉब्लम। लेकिन आरक्षण की बैसाखी ले कर आप सरकारी नौकरी पा सकते हैं। सुविधाएं भी। पर सम्मान कभी नहीं।
कभी देखा है,किसी यहूदी को किसी जर्मन नाज़ी का महिमामंडन करते हुए?या देखा है फिलिस्तीनी हों या किसी भी राष्ट्र के अमन पसंद कौम वाले हों,इजरायल का पक्ष लेते हुए?
रायपुर नगर निगम के मेयर एजाज ढेबर के अभियान को वोटरों ने सख्त नापसन्द किया था। जिसकी वजह से वोटों का जबरदस्त ध्रुवीकरण हुआ। यदि कांग्रेस ने यह गलती दुबारा दुहराई तो यह माना जाना चाहिए कि…