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पुष्पा जैसी सबसे अधिक कमाई करने वाली अधिकांश फिल्में हिंसा से भरी हुई है

यह धर्म का अनुशासन ही है कि ईरान से भाग कर आये सौ डेढ़ सौ पारसी न केवल हजार वर्ष से सुखमय जीवन जी रहे हैं, बल्कि टाटा के रूप में सबसे बड़े व्यवसायी और भाभा के रूप में सबसे बड़े वैज्ञानिक बन…

कुछ बाते कभी भूली नहीं जानी चाहिए

Positive India:Sarvesh Kumar Tiwari: हमें याद रहना चाहिए कि सन 1528 में एक क्रूर, असभ्य, अभद्र आतंकवादी ने अयोध्या में महाराज विजयचन्द( कन्नौज नरेश जयचंद के पिता! मन्दिर जयचन्द की…

अब दिल्ली की चुनौती

दिल्ली चुनाव के संदर्भ में सबसे खराब स्थिति कांग्रेस की रही है. हरियाणा के बाद महाराष्ट्र में भी भीषण पराजय से दिल्ली पुन: दूर नज़र आने लगी है ।

स्मिता पाटिल अपनी कई फ़िल्मों की अन्तिम फ्रेम में वे अकेली ही खड़ी नज़र आती हैं!

रुपहला सौंदर्य, गौर वर्ण और प्रचलित नैन-नक़्श स्मिता के पास नहीं, लेकिन एक सँवलाया हुआ-सा खिंचाव है, क़शिश है, लगभग आत्मघाती आकर्षण है।

बड़े भाई साहब:ख्यातनाम पत्रकार व कवि श्री ललित सुरजन जी की चौथी पुण्य तिथि पर विशेष…

क्या कारण है कि ललित जी जैसा समर्थ पत्रकार कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता विश्वविद्यालय का कुलपति नहीं बन सका जबकि उसकी स्थापना हुए पन्द्रह वर्ष बीत चुके हैं। देश के बहुत बडे कवि व उपन्यासकार…

पालक का साग सुंदर होता है, “लह-लह पालक, मह-मह धनिया”

पालक में खनिज पाया जाता है। किंतु पालक तो अभ्रक जैसा पदार्थ नहीं। बचपन में हम सुनते थे कि पालक में बहुत लोहा होता है। किंतु पालक का साग कितना तो कोमल!