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Positive India News

दीवाली के पटाखों के विरुद्ध चिन्ता का पाखण्ड दूषित और हिन्दू हिंदुत्व विरोधी षड़यंत्र…

क्या दीवाली के अलावा साल के शेष 364 दिनों में वायु प्रदूषण के कारण प्रतिदिन मरनेवाले 3287 लोगों की जान की कोई कीमत नहीं है.?

माँ बसे चरणों में तेरे चारों मेरे धाम हैं

खो गया बचपन कहीं पर, लौट कर आता नहीं, है बहुत रंगीन मंजर, पर मुझे भाता नहीं। जीतने पर साथ सारे, हारने पर कौन है, माँ तुम्हीं कुछ बोल दो ना, शेष दुनिया मौन है। गुम हुई है रोशनी भी, सूर्य…

राज्यपाल अनुसुईया ने सपनों को जी के देखो पुस्तक का किया विमोचन

"सपनों को जी के देखो" आत्मकथा निश्चित ही युवाओं के लिए प्रेरणादायी रहेगी एवं युवाओं को आगे बढ़ने, सपनों को पूरा करने और आनंदपूर्वक जीवन जीने के लिए प्रेरित करेगी ।

काबुल नदी का जल भारत के टुकड़े कर देने वालों के मुंह पर एक जोरदार तमाचा है।

बौद्धिक वामपंथियों के पास उस बालिका के लिए कोई जवाब नहीं है जिसने अयोध्या से 1500 किलोमीटर दूर होने के बावजूद भगवान श्री राम को अर्पित करने के लिए प्रधानमंत्री मोदी को काबुल नदी का जल भेजा।…

स्वतंत्रता आंदोलन भारत के स्व को जागृत करने का आंदोलन था

दत्तात्रेय होसबाले ने प्रकाश डाला की स्वतंत्रता आंदोलन केवल अंग्रेजों के खिलाफ नहीं था, अपितु भारत के ‘स्व’ का आंदोलन था. इसलिए स्वदेशी आंदोलन उसमें जुड़ गया, स्व-भाषा, स्व-संस्कृति का…

वरिष्ठ कवि अर्जुनसिंह को हिंदी साहित्य परिषद द्वारा सारस्वत सम्मान

Positive India:Kondagaon: छत्तीसगढ़ हिंदी साहित्य परिषद द्वारा कोण्डागांव जनपद मुख्यालय पर आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि स्वतंत्र कवि मंडल सांगीपुर के अध्यक्ष अर्जुन सिंह को…

राक्षसी इरादों और खूनी साज़िशों का आईना है लखीमपुर का हत्याकांड।

खालिस्तान का झंडा, सीने पर देश के इतिहास के सबसे कुख्यात जल्लाद हत्यारे आतंकवादी भिंडरावाले की फोटो वाली शर्ट के साथ हाथों में बल्लम, तलवार, ईंट पत्थर लेकर कौन से किसान कैसा शांति प्रदर्शन…

भारत अब कृषि प्रधान देश नहीं कारपोरेट प्रधान देश है

भारत अब कारपोरेट प्रधान देश है। यह तथ्य किसान आंदोलन के खिदमतगारों को जान लेना चाहिए। इस सचाई को हमारे वामपंथी साथियों समेत तमाम आंदोलनकारियों को समय रहते जान-समझ लेना चाहिए। आवारा पूंजी ही…

छत्तीसगढ़ सरकार की नाक के नीचे हो रहा धर्मांतरण का खेला

ईसाई मिशनरी गांव के भोले भाले, अनपढ़ आदिवासी और दलित परिवारों को निशाना बनाते हुए बहला-फुसला कर उन्हें इसाई बना रहे हैं। मानपुर के कहगांव ग्राम में 25 महार समाज के परिवारों ने अपना धर्म…