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#editorial

जिस की पताका ऊपर फहराई

आरक्षण भक्षण प्रेमी लोगों के आरक्षण खत्म हो जाने के भय की मार्केटिंग और साढ़े आठ हज़ार रुपए महीने की मुफ़्तख़ोरी की लालसा में लोगों ने उत्तर प्रदेश में भाजपा को कुचल कर रख दिया। बंग्लादेशी और…

गाँधी ने किसी को अंग्रेजों के विरूद्ध सशस्त्र क्रांति करने से रोका था क्या?

निस्संदेह देश की आज़ादी में लाखों करोड़ों लोगों का सहयोग रहा लेकिन श्रेय लीडर को ही मिलता है । वह लोगों के पुरुषार्थ को सही दिशा में ले जाता है । गाँधी के सत्याग्रह को अपना कर ही मार्टिन…

इस एंटी मोदी स्क्वॉड के क्या कहने !

एंटी मोदी स्क्वॉड की एक और तकलीफ़ अभी सामने आई है चुनाव प्रचार ख़त्म होने के बाद कन्याकुमारी में विवेकानंद मेमोरियल में मोदी के ध्यान की। एंटी मोदी स्क्वॉड के कबीले के सारे सूबेदार एक सुर में…

क्या होता यदि सुभाष चंद्र बोस भारत में जीवित लौट आते?

Positive India:Rajkamal Goswami: सन ४५ में विश्वयुद्ध समाप्त होने के बाद आज़ाद हिंद फ़ौज के बहुत से सैनिक भारत वापस आ गये । साधारण सैनिकों को तो अंग्रेजों ने कुछ नहीं कहा और वे चुपचाप अपने…

छत्तीसगढ़ में नक्सल मोर्चे पर अंतिम लड़ाई, क्या बस्तर में रुक पाएगी हिंसा?

यह बहुत स्पष्ट है कि केंद्र व राज्य सरकार ने नक्सलवाद व नक्सलियों के खात्मे का पक्का बंदोबस्त कर लिया है।

यह पुरुष प्रधान समाज स्त्रियों के लिए तेज़ाब की नदी है

स्त्रियों को अपना अस्तित्व , अपनी आज़ादी , अपना स्वाभिमान खुद तय करना होगा । स्त्री अभी भी पुरुष के बिना पतवार की नाव समझी जाती है । यह देवी रूप आदि भी बेमतलब का दिखावा है । यत्र नार्यस्तु…

संविधान तो बदलेगा और उस में सरकार जेल से नहीं चलाने की बात लिखी जाएगी

जो आदमी कश्मीर का कोढ़ 370 हटा सकता है , कश्मीर को फिर से ज़न्नत बना सकता है। देश को आतंक मुक्त बना सकता है। अयोध्या में सकुशल राम मंदिर बनवा सकता है। विकास की चांदनी में देश को नहला सकता है…

शिवाजी महाराज की मृत्यु के बाद मराठा साम्राज्य की बढ़ती सीमाएं अचानक सिकुड़ने क्यों लगी…

Positive India: Sarvesh Kumar Tiwari: सन 1680 ई में शिवाजी महाराज की मृत्यु के बाद मराठा साम्राज्य की बढ़ती सीमाएं अचानक सिकुड़ने लगी थीं। ऐसा अनायास ही नहीं था, उस महान चामत्कारिक व्यक्तित्व…

किंतु कुछ भी कर लें बिल्लियों को खंभा नोचने से नहीं रोका जा सकता है ।

अगर चुनाव सुधार ही करने हैं तो इस बार ऐसी मशीन लगानी चाहिये जो मतदान समाप्त होते ही ऑनलाइन रिजल्ट घोषित कर दे ।

संस्कारहीन युवाओं की भीड़ सभ्यता का दुर्भाग्य क्यों होती है?

केदार-बदरी की यात्रा पर बियर की बोतलें लाद कर ले जाते असभ्य लौंडे और पतुरिया की तरह पिछवाड़ा डुला कर वीडियो बना रही लड़कियों में उस पवित्र भाव का लेश मात्र भी है? नहीं है। उनमें न श्रद्धा है,…