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शिव

जब नट ने कहा चाहिए तुम्हारी कन्या का हाथ।

Positive India:Sarvesh Kumar Tiwari: सूर्योदय अभी हुआ ही था। हिमांचल महाराज अभी गङ्गा स्नान से लौटे भी नहीं थे। देवी मैनावती पूजन के लिए वाटिका में पुष्प ले रही थीं कि अचानक कानों से एक…

क्या आपको मालूम है कि राजा सगर ने भारत सागर का निर्माण कराया?

गङ्गा उतरीं। सगर कुल के लिए, समूची मानवजाति के लिए, समस्त जीवों के लिए... सबकी माता, जगत माता... अब प्रश्न था कि उनका वेग कैसे सम्भले? तो शिव ने जटा खोली। सृष्टि के सबसे महान तपस्वी की…

भोले बाबा सृष्टि के सर्वश्रेष्ठ पति क्यों हैं?

बाबा सृष्टि के सर्वश्रेष्ठ पति हैं। वे स्त्री सम्मान के भी देवता हैं। यूँ ही नहीं परम्परा से भारत की हर बेटी माता गौरा से उनके पति जैसा पति मांगती रही हैं। संसार के हर पति को शिव के समान हो…

बाबा बैजनाथ की कथा कौन नहीं जानता ?

बैजनाथ धाम के शिवलिंग को कामना लिंग कहते हैं। रावण ने भोलेनाथ से मांगा था कि अपना ऐसा विग्रह दीजिये जो मेरी हर मनोकामना पूरी कर दे। देवघर में स्थापित भोलेनाथ अपने भक्तों की हर कामना पूरी…

शिव के त्रिशूल पर बसी काशी कभी समाप्त न होने वाली नगरी क्यो है ?

मिस्र के फराओ मन्दिर एक बार टूटे, फिर कभी न बन सके और मिस्र समाप्त हो गया। फारस के अग्नि मन्दिर एक बार टूटे फिर वहाँ कभी अग्नि की आराधना नहीं हुई। फारस समाप्त हो गया। यूनान में एक बार उनके…

भगवान शिव क्यों रोये थे?

भगवान शिव जब पत्नी का शव उठाये बिलख रहे होते हैं, तभी उनकी करुणा उभर कर आती है, और दिखता है कि संसार का सबसे शक्तिशाली पुरुष अंदर से कितना कोमल है। उनके भीतर की यही कोमलता सामान्य मनुष्य के…

भगवान राम का एक परिचय

भगवान राम का चरित्र ईश्वर के लिए भी अनुकरणीय है। कृष्णावतार में बचपन से कृष्ण को अवतारी होने का भान रहता है, परंतु रामावतार में भगवान ने जो भी किया एक सामान्य मानव द्वारा जो किया जा सकने…

बनारस के हुस्न को ग़ालिब की नज़र से क्यों देखें?

ग़ालिब कहते हैं, बनारस शंख-नवाज़ों का मंदिर है, हम हिन्दुस्तानियों का का’बा है इबादत-ख़ाना-ए-नाक़ूसियानस्त, हमाना काबा ए हिन्दूस्तानस्त।

संत कबीर पर कनक तिवारी का विशेष लेख

कबीर से बेहतर सेक्युलरवाद की परिकल्पना संविधान में भी नहीं है। संविधान तो सेक्युलरवाद के नाम पर अलग अलग कोष्ठकों में धर्मगति को नियंत्रित करता है। कबीर मुफलिस थे अर्थात आत्मा के निद्र्वन्द्व…