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बीजेपी

जयचंद और मानसिंह को लेकर ताने देना क्यों बंद करना चाहिए?

राजपूतों की सहनशीलता और क्षमाशीलता की प्रशंसा करनी चाहिए। आज scst का कोई व्यक्ति थानेदार भी बनता है तो रात को रंडियां नचवाता है जबकि वे किलों और हवेलियों के स्वामी भी शाम को कंठी माला लेकर…

सियासी दलों के पावर सेंटर्स

चाहे नेहरू कालीन राजनीति हो अथवा इंदिरा गांधी या राजीव गांधी या सोनिया गांधी के वक्त की राजनीति। सबने अपने-अपने नेतृत्व को अथवा एकक्षत्र पावर सेंटर को स्थापित करने के लिए तमाम समानांतर स्टेट…

बस्तर : जो जीतेगा वो सिकंदर

लोकसभा चुनाव में आदिवासी वोटों का क्या रूख रहेगा, कहना मुश्किल है। फिर भी कतिपय ऐसे कारण हो सकते हैं जो जीत का आधार तैयार करेंगे। मसलन भाजपा सरकार , विधान सभा चुनाव के दौरान किए गए वायदों…

अगले दस महीने में भाजपा क्या करे ?

बदलते राजनैतिक परिदृश्य को स्वीकार कर, संस्थागत कमियों पर चिंतन कीजिए, केवल मोदी फैक्टर अब चुनाव में जीत सुनिश्चित नहीं करेगा (मोदी की बात आगे ले जाना अत्यावश्यक)

कर्नाटक में भाजपा की पराजय का विश्लेषण

भाजपा अपनी चुनावी तैयारी केवल चुनाव जीतने के लिए नहीं, बल्कि चुनाव बाद स्थाई सरकार चलाने के हिसाब से करती है‌। हाँ इस प्रकार की तैयारी बहुत बड़ा चुनावी दांव होता है, जिसकी कीमत चुनाव हार कर…

केजरीवाल की असलियत बताता ऑपरेशन शीशमहल

Positive India:Vishal Jha: बिल्कुल ही अलग संदर्श से इस पूरे ऑपरेशन शीशमहल(Operation Sheesh Mahal) को देखने की आवश्यकता है‌। राजनीति चलाने के लिए अरविंद केजरीवाल को जितना संघर्ष करना पड़ रहा…

भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी समिति की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

पॉजिटिव इंडिया;हैदराबाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को विपक्षी दलों पर जोरदार हमला बोला और कहा कि देश वंशवादी राजनीति और वंशवादी राजनीतिक दलों से पूरी तरह ऊब चुका है और ऐसी पार्टियों…

फाइलें खुलने से भाजपा एक्सपोज होगी। तुम्हें क्यों डर है? तुम क्यों परेशान हो?

नरेंद्र मोदी कश्मीर की फाइलें खोलने वालों के साथ खड़े हैं। और कितनी इमानदारी चाहिए? जो अपने ही खिलाफ अपनी फाइलें खुलवा रहा। हां, अच्छा होगा तुम भी साथ हो जाओ।

हिन्दू और हिंदुत्व से पहले कांग्रेस ने देश और राष्ट्र का खेल क्यों खेला था?

हिंदू और हिंदुत्व के बीच खाई को बढ़ाकर राजनीति करने का वक्त आ चला है। तमाम वामपंथी, उदारवादी, कांग्रेसी अब इस हिंदुत्व के विरोध में अपना कौन-कौन सा एजेंडा किस प्रकार से विमर्श में उतारेंगे…

उपचुनाव के परिणामों का पेट्रोल की कीमत से कुछ लेनादेना क्यों नहीं?

असम में हेमंत बिस्व सरमा की एकतरफा प्रचंड विजय ने भी यह संदेश दिया है कि मुख्यमंत्री योगी की ही शैली में ही सफेदपोश कट्टरपंथी जिहादियों से निपटना होगा।