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इस्लाम

संविधान बचाने का कुचक्र करने वाले अचानक मनुवाद की उल्टी क्यों करने लगते हैं?

रोहित वेमुला को जबरिया दलित घोषित कर जय भीम , जय मीम का नैरेटिव सेट करते हैं। तब जब कि अंबेडकर इस्लाम को अभिशाप और वामपंथियों को बंच आफ ब्राह्मण ब्वायज कहते हुए दुत्कारते मिलते हैं। फिर भी…

रंग शब्द हमारा नहीं है फिर हमनें इसे क्यो अपनाया ?

इस्लाम का आगमन जिस प्रकार से भारत में हुआ, फारसी से लिया गया शब्द 'रंग' को उर्दू के माध्यम से सूफियों ने भी भारत में खासकर उत्तर भारत में लोकप्रियता दिलाई।

मदनी ने दुनिया में इस्लाम की उपस्थिति हज़रत आदम के दौर से होने का दावा क्यो ठोका?

एक कहानी पैदा की गई कि हज़रत आदम को जब स्वर्ग से निकाला गया तो उन्हें श्रीलंका में उतारा गया और वे इसी पुल को पार कर मुख्य भूमि में आए । आदम चूँकि पाश्चात्य धर्मों के मुताबिक़ सृष्टि के आदि…

अगर तुलना करनी ही है आज़म खान की तो औरंगज़ेब से ज़रूर कर सकते हैं

रामपुर की यूनिवर्सिटी आज़म खान के अवैध पैसे से ही बनी। कितने गरीब मुसलमानों की ज़मीन हड़पी है आज़म खान ने । रामपुर में तमाम दलितों का इस्लाम में धर्मांतरण करवाने का अपराधी है आज़म खान। ओवैसी…

मां के बनाए काजल की कालिख से मुनव्वर राना ने अपना चेहरा काला कर लिया

मुनव्वर राना ने मां के बनाए काजल को अपनी आंख में लगाने के बजाय अपने चेहरे पर पोत कर अपना चेहरा काला कर लिया है। इंसानियत को शर्मशार कर दिया है। धिक्कार है इस मुनव्वर राना पर। वह लोग जो…

मनीष गुप्ता हत्याकांड तथा आइएएस मोहम्मद इफ्तिखारउद्दीन ने कैसे उजागर किया सिविल…

मनीष हत्याकांड में सिविल सर्वेंट डीएम और एसएसपी दोनों मिलकर पहुंच गए पीड़िता के घर मामले को दबाने के लिए। सिविल सेवा में अच्छी हस्ती के पद पर बैठे उत्तर प्रदेश के एडीजी प्रशांत कुमार ने…

तो पूरा भारत ही अब तक इस्लामी राष्ट्र होता हम सभी मुसलमान होते तालिबान होते !

जावेद अख्तर जैसे सफ़ेदपोश कठमुल्ले इसी लिए जब-तब आर एस एस के प्रति अपनी घृणा और नफरत का इज़हार करते रहते हैं। यह सब तब है जब कि अब आर एस एस वाले बार-बार इस्लाम के अनुयायियों को भी अपना बंधु…

औरंगज़ेब न सिर्फ़ हिंदुस्तान पर कलंक बन कर उपस्थित था बल्कि मनुष्य विरोधी भी था

औरंगज़ेब को इतिहास में कत्ले आम और लूट पाट के लिए जाना जाता है । औरंगज़ेब में अगर आप को अपना पुरखा दीखता है तो सीधे घोषित कर दीजिए। अपना बाप मान लीजिए। किसी को कोई ऐतराज नहीं है ।

जिरहनामा- कहां हो, कहां नहीं हो विवेकानन्द?

विवेकानन्द ने कहा था कि धरती पर अगर कोई देश है जो खुद अपने बदले दुनिया के लिए जीने को तरजीह देता है तो केवल भारत है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत में दूसरा सबसे बड़ा धर्म इस्लाम भाईचारे का जिस…