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कांग्रेस

लेकिन मोदी की जगह राहुल गांधी को हरगिज नहीं चुन सकते

कोरोना और दुनिया की हालत देखते हुए भारत की अर्थव्यवस्था इतनी बुरी भी नहीं है। 80 करोड़ लोगों को दो साल से मुफ्त राशन आदि के मद्देनज़र अर्थव्यवस्था ठीक है। फिर एक फाइनल बात यह कि मोदी ने…

मोदी नाम का एक दीमक कांग्रेस को चाट कर कैसे खत्म किए जा रहा है?

प्रधान मंत्री का काफिला रोका गया पंजाब में ऐन पाकिस्तानी सरहद पर। और बताया जा रहा है कि यह पंजाबियत है। कश्मीर के लिए कड़क नरेंद्र मोदी पंजाब के लिए मुसलसल मज़बूरी का नाम महात्मा गांधी पर…

अखिलेश से बौखलेश होते जाने की यातना

अखिलेश पर सब से बड़ा इल्जाम पिता मुलायम की पीठ में छुरा घोंपने का है। लोग कहते ही रहते हैं कि जो अपने बाप का नहीं हुआ , वह किसी का नहीं हो सकता । लोग औरंगज़ेब से उन की तुलना करते हुए ,…

हिन्दू और हिंदुत्व से पहले कांग्रेस ने देश और राष्ट्र का खेल क्यों खेला था?

हिंदू और हिंदुत्व के बीच खाई को बढ़ाकर राजनीति करने का वक्त आ चला है। तमाम वामपंथी, उदारवादी, कांग्रेसी अब इस हिंदुत्व के विरोध में अपना कौन-कौन सा एजेंडा किस प्रकार से विमर्श में उतारेंगे…

लोकतांत्रिक चरित्र खो चुके दल नहीं कर सकते लोकतंत्र की रक्षा: मोदी

पॉजिटिव इंडिया:नयी दिल्ली; प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी दलों पर परोक्ष रूप से हमला करते हुए पारिवारिक पार्टियों को संविधान के प्रति समर्पित राजनीतिक…

भारतीय राजनीति में ज्योतिष दुधारू गाय क्यों है ?

एक से एक प्रचंड सेक्यूलर ज्योतिष के चरणों में साष्टांग दंडवत रहते हैं ।समाजवादी पार्टी के मुलायम सिंह यादव तो प्रधान मंत्री बनने के लिए कामख्या तक बलि आदि के अनुष्ठान नियमित करवाते रहे हैं।…

शालीनता अपमान और समर्पण की त्रासदी

योगी की चाल में अपमान की चुभन साफ़ परिलक्षित हो रही है। पर उन की प्रधान मंत्री के प्रति , प्रोटोकॉल के प्रति शालीनता और समर्पण की पदचाप भी उपस्थित है इस फ़ोटो में । फ़ोटो देखने का अपना-अपना…

क्यों खतरनाक हिन्दूद्रोही और भारतद्रोही है कांग्रेस का नेता सलमान ख़ुर्शीद ?

हिंदुत्व की तुलना आदमखोर इस्लामी आतंकी संगठनों बोको हरम और ISIS से कर के कांग्रेसी नेता सलमान खुर्शीद ने केवल 100 करोड़ हिन्दूओं को आहत अपमानित नहीं किया है। उसने 100 करोड़ हिन्दूओं के आराध्य…

एक मोदी की तानाशाही छवि के कितने स्टेकहोल्डर्स ?

अब इतने दांव लगाओगे तो तमाम जुआरियों, खालिस्तानियों, आतंकवादियों, चीनियों, पाकिस्तानियों को औकात में लाने के लिए मोदी कानून क्यों नहीं पलट सकता?

उपचुनाव के परिणामों का पेट्रोल की कीमत से कुछ लेनादेना क्यों नहीं?

असम में हेमंत बिस्व सरमा की एकतरफा प्रचंड विजय ने भी यह संदेश दिया है कि मुख्यमंत्री योगी की ही शैली में ही सफेदपोश कट्टरपंथी जिहादियों से निपटना होगा।