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मर्रा एवं मौहाभाठा में नवीन कृषि महाविद्यालय का शुभारंभ

कृृषि के विकास के लिए अहम भूमिका निभाएगा: कृषि मंत्री

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पॉजिटिव इंडिया:रायपुर, 18अगस्त 2019
कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे ने आज दुर्ग जिले के ग्राम मर्रा और बेमेतरा जिले के मौहाभाठा में आज नवीन कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केन्द्र का शुभारंभ किया। इस अवसर पर आयोजित समारोहों को सम्बोधित करते हुए उन्होंने कहा कि इन महाविद्यालयों से इस अंचल में कृृषि के विकास के लिए अहम भूमिका निभाएगा। कृषि के क्षेत्र में नवीन तकनीक ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंचेगी। उन्होंने कहा कि खेती तरक्की कैसे होगी जब हम आधुनिक पद्धति से खेती करेंगे। इसलिए ही मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की मंशा के अनुरूप यह महाविद्यालय आरम्भ किया गया है। बजट में मुख्यमंत्री ने इसके लिए प्रावधान रखा और अपर मुख्य सचिव श्री के.डी.पी. राव एवं इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. एस. के. पाटिल ने इस पर तेजी से कार्रवाई सुनिश्चित कराई और आज महाविद्यालय का स्वप्न मूर्त रूप ले चुका है। भविष्य में महाविद्यालय का तेजी से विस्तार होगा।
कृषि मंत्री ने कहा कि हमारी सरकार का आधा बजट किसानों और गरीबों पर व्यय किया गया है। कई लोगों को यह लगता था कि कर्जमाफी और 2500 रुपये मूल्य में धान खरीदी संभव नहीं है लेकिन किसानों के प्रति प्रतिबद्ध और दृढ़निश्चयी शासन ने इस पर त्वरित फैसला किया। कार्यभार ग्रहण करने के आधे घंटे के भीतर मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने पहले दस्तखत इसी पर किये। न केवल कर्जमाफी की, इस बार भी किसानों को ऋण प्रदान किया। इस बार पानी काफी कम बरसा है पर किसानों के प्रति चिंता को देखते हुए मुख्यमंत्री ने गंगरेल के गेट खोलने के निर्देश दिये। किसानों के हित में शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए नकली खाद, नकली दवाई की दुकानों पर कड़ी कार्रवाई की गई। उन्होंने कहा कि मैंने 19 बरसों के अपने सार्वजनिक जीवन में पहली बार शासकीय कार्यक्रमों में परंपरागत छत्तीसगढ़ी व्यजंन ठेठरी, खुरमी परोसे जाते हुए देखा है। पहली बार हरेली तिहार का शासकीय कार्यक्रम मनाया गया। मुख्यमंत्री स्वयं गेड़ी चढं़े, भौरा खेले। हरेली पर हम सबने अवकाश मनाया। इस अवसर पर वन मंत्री एवं दुर्ग जिले के प्रभारी मंत्री श्री मोहम्मद अकबर ने कहा कि आज मर्रा और मौहाभाठा में कृषि महाविद्यालय आरम्भ हो रहा है। यह मुख्यमंत्री और कृषि मंत्री ने बड़ा तोहफा दोनांे क्षेत्र की जनता को दिया है। पदभार संभालते ही केवल 2 घंटे के भीतर मुख्यमंत्री ने 14 हजार करोड़ रुपये की कर्जमाफी कर दी। 2500 रुपये प्रति क्विंटल की दर से 80 लाख मीट्रिक टन धान शासन ने खरीदा। यह बड़ी उपलब्धि है। जहां देश के दूसरे प्रांतों में बाजार में मंदी दिखी। छत्तीसगढ़ में बाजार में अच्छी बिक्री रही। ऑटोमोबाइल सेक्टर ने सबसे अच्छा प्रदर्शन छत्तीसगढ़ में किया। मुख्यमंत्री ने ऐसे फैसले किये जिससे सभी वर्गों को लाभ मिला। राशन कार्ड के लिए नियम शिथिल कर दिए गए और अब 65 लाख परिवार इसका लाभ उठा सकेंगे। बिजली बिल हाफ कर बिजली का बड़ा खर्च उपभोक्ताओं का बच गया। इस मौके पर महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अनिला भेड़िया ने भी उपस्थिजनों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्णयों से राज्य में कृषि विकास का मार्ग तेजी से प्रशस्त हो रहा है। वे न केवल किसान को उपज के अच्छे मूल्य दिलाने की दिशा में कार्य कर रहे हैं अपितु कृषि महाविद्यालयों की स्थापना से रिसर्च वर्क को भी बढ़ावा दे रहे हैं। अंचल में आधुनिक खेती की दिशा में यह कदम मील का पत्थर साबित होंगे।
इस अवसर पर इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. एस.के. पाटिल ने बताया कि मर्रा प्रदेश का 24 वां और मौहाभाठा 25 वां नवीन कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र है। प्रत्येक महाविद्यालय में 24 विद्यार्थियों के पढ़ने की सुविधा है। उन्होंने जानकारी दी कि कृषि की बेहतरीन पढ़ाई के साथ ही यहां रिसर्च के लिए भी बेहतरीन सुविधाएं होंगी। इस अवसर पर हितग्राहियों को जाति प्रमाण-पत्र का वितरण, वर्मी बेड, बैटरी स्प्रेयर, आइस बॉक्स, मूंग बीज एवं विभिन्न सामग्री हितग्राहियों वितरित की गई।

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