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दिव्यास्त्र लॉन्च के बाद भारत ने पोखरण में दिखाई ‘भारत शक्ति’

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Positive India: Pokharan:
इंटरकॉन्टिनेंटल न्यूक्लियर बैलिस्टिक मिसाइल दिव्यास्त्र(Agni-5)के लॉन्च के बाद भारत ने पोखरण में ‘भारत शक्ति’ द्वारा दुनिया को अपनी सामरिक शक्ति का एहसास करवाया। भारत शक्ति एक्सरसाइज को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी मौजूदगी में आकलन किया। जल, थल तथा नभ तीनों सेनाओं ने ‘भारत शक्ति एक्सरसाइज'(Bharat Shakti Exercise )में हिस्सा लिया। यहां तक एक साथ 100 स्वार्म ड्रोनस ने इस एक्सरसाइज में अपना दमखम दिखाया। पॉजिटिव इंडिया प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन का मूल पाठ यहां प्रस्तुत कर रहा है।
नरेंद्र मोदी,
“भारत माता की जय!
भारत माता की जय!

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राजस्थान के मुख्यमंत्री श्रीमान भजन लाल जी शर्मा, केन्द्रीय मंत्रिमंडल के मेरे साथी राजनाथ सिंह जी, गजेन्द्र शेखावत जी, कैलाश चौधरी जी, PSA प्रोफेसर अजय सूद जी, चीफ ऑफ डिफेन्स स्टाफ, जनरल अनिल चौहान, एयर चीफ मार्शल वी आर चौधरी, नेवी चीफ, एडमिरल हरि कुमार, आर्मी चीफ जनरल मनोज पांडे, वरिष्ठ अधिकारीगण, तीनों सेनाओं के सभी वीर… और यहां पधारे पोखऱण के मेरे प्यारे भाइयों और बहनों!

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आज यहां हमने जो दृश्य देखा, अपनी तीनों सेनाओं का जो पराक्रम देखा, वो अद्भुत है। आसमान में ये गर्जना… जमीन पर ये जांबाजी… चारों दिशाओं में गूंजता ये विजयघोष… ये नए भारत का आह्वान है। आज हमारा पोखरण, एक बार फिर भारत की आत्मनिर्भरता, भारत का आत्मविश्वास और भारत का आत्मगौरव इस त्रिवेणी का साक्षी बना है। यही पोखरण है, जो भारत की परमाणु शक्ति का साक्षी रहा है, और यहीं पर हम आज स्वदेशीकरण से सशक्तिकरण उसका दम भी देख रहे हैं। आज पूरा देश भारत शक्ति का ये उत्सव, शौर्य की भूमि राजस्थान में हो रहा है, लेकिन इसकी गूंज सिर्फ भारत में ही नहीं, पूरी दुनिया में सुनाई दे रही है।

साथियों,

कल ही भारत ने MIRV आधुनिक टेक्नोलॉजी से लैस, लंबी दूरी की क्षमता वाली अग्नि-5 मिसाइल का परीक्षण किया है। दुनिया के बहुत ही कम देशों के पास इस तरह की आधुनिक टेक्नोलॉजी है, इस तरह की आधुनिक क्षमता है। ये डिफेंस सेक्टर में आत्मनिर्भर भारत की एक और बड़ी उड़ान है।

साथियों,

विकसित भारत की कल्पना, आत्मनिर्भर भारत के बिना संभव ही नहीं है। भारत को विकसित होना है, तो हमें दूसरों पर अपनी निर्भरता को कम करना ही होगा और इसलिए आज भारत, खाने के तेल से लेकर आधुनिक लड़ाकू विमान तक, हर क्षेत्र में आत्मनिर्भरता पर बल दे रहा है। आज का ये आयोजन, इसी संकल्प का हिस्सा है। आज मेक इन इंडिया की सफलता हमारे सामने है। हमारी तोपों, टैंकों, लड़ाकू जहाज़ों, हेलिकॉप्टर, मिसाइल सिस्टम, ये जो गर्जना आप देख रहे हैं- यही तो भारत शक्ति है। हथियार और गोला बारूद, संचार उपकरण, सायबर और स्पेस तक, हम मेड इन इंडिया की उड़ान अनुभव कर रहे हैं- यही तो भारत शक्ति है। हमारे pilots आज भारत में बने “तेजस” लड़ाकू विमान, एडवांस्ड लाइट हेलीकाप्टर, लाइट कॉम्बैट हेलीकाप्टर उड़ा रहे हैं- यही तो भारत शक्ति है। हमारे sailors पूरी तरह से भारत में बनी पनडुब्बियां, destroyers और aircraft कैरियर में लहरों के पार जा रहे हैं- यही तो भारत शक्ति है। हमारी थल सेना के जवान, भारत में बने आधुनिक अर्जुन टैंक्स और तोपों से देश की सीमाओं की सुरक्षा कर रहे हैं- यही तो भारत की शक्ति है।

साथियों,

बीते 10 वर्षों में हमने देश को रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिए एक के बाद एक बड़े कदम उठाए हैं। हमने पॉलिसी स्तर पर नीति विषय सुधार किया, Reforms किए, हमने प्राइवेट सेक्टर को इससे जोड़ा, हमने MSME, startups को प्रोत्साहित किया। आज देश में उत्तर प्रदेश और तमिलनाडु में defence corridors बन रहे हैं। इनमें अब तक 7 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का निवेश हुआ है। आज हेलीकॉप्टर बनाने वाली एशिया की सबसे बड़ी फैक्ट्री, भारत में काम करना शुरू कर चुकी है। और आज मैं अपनी तीनों सेनाओं को भी बधाई दूंगा। हमारी तीनों सेनाओं ने सैकड़ों हथियारों की लिस्ट बनाकर तय किया कि अब वो इन्हें बाहर से नहीं मंगाएंगी। हमारी सेनाओं ने इन हथियारों के भारतीय इकोसिस्टम को सपोर्ट किया। मुझे खुशी है कि हमारी सेनाओं के लिए सैकड़ों सैन्य उपकरण अब भारत की कंपनियों से ही खरीदे जा रहे हैं। 10 वर्षों में लगभग 6 लाख करोड़ रुपये के रक्षा उपकरण स्वदेशी कंपनियों से खरीदे गए हैं। इन 10 वर्षो में देश का रक्षा उत्पादन, दो-गुना से भी ज्यादा, यानि 1 लाख करोड़ रुपए से अधिक हो चुका है। और इसमें हमारे नौजवान भी अहम भूमिका निभा रहे हैं। पिछले 10 वर्षों में 150 से ज्यादा नए defense Start ups शुरू हुए हैं। इनको हमारी सेनाओं ने 1800 करोड़ रुपए के Order देने का निर्णय लिया है।

साथियों,

रक्षा जरूरतों में आत्मनिर्भर होता भारत, सेनाओं में आत्मविश्वास की भी गारंटी है। युद्ध के समय जब सेनाओं को पता होता है कि जिन हथियारों का वो इस्तेमाल कर रही हैं, वो उनके अपने हैं, वो कभी भी कम नहीं पड़ेंगे, तो सेनाओं की ऊर्जा कई गुना बढ़ जाती है। बीते 10 वर्षों में, भारत ने अपना लड़ाकू हवाई जहाज बनाया है। भारत ने अपना aircraft carrier बनाया है। ‘C–295’ transport aircraft भारत में बनाये जा रहे हैं। आधुनिक इंजन का निर्माण भी भारत में होने वाला है। और आप जानते हैं, कुछ दिन पहले ही कैबिनेट ने एक और बड़ा फैसला लिया है। अब 5th Generation लड़ाकू विमान भी हम भारत में ही डिजायन, डेवलप और मैन्यूफेक्चर करने वाले हैं। आप कल्पना कर सकते हैं कि भविष्य में भारत की सेना और भारत का डिफेंस सेक्टर कितना बड़ा होने वाला है, इसमें युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के कितने अवसर बनने वाले हैं। कभी भारत, दुनिया का सबसे बड़ा डिफेंस इंपोर्टर हुआ करता था। आज भारत डिफेंस सेक्टर में भी एक बड़ा निर्यातक बनता जा रहा है। आज भारत का डिफेंस एक्सपोर्ट 2014 की तुलना में 8 गुना से ज्यादा बढ़ चुका है।

साथियों,

आजादी के बाद से एक दुर्भाग्य ये रहा कि जिन्होंने दशकों पर देश पर शासन किया, वो देश की सुरक्षा को लेकर गंभीर नहीं रहे। हालत ये थी कि आजादी के बाद देश का पहला बड़ा घोटाला सेना में खरीद के दौरान ही हुआ। उन्होंने जानबूझकर भारत को रक्षा ज़रूरतों के लिए विदेशों पर निर्भर रखा। आप ज़रा, 2014 से पहले की स्थिति याद कीजिए- तब क्या चर्चा होती थी? तब रक्षा सौदों में घोटालों की चर्चा होती थी। दशकों तक लटके रहे रक्षा सौदों की चर्चा होती थी। सेना के पास, इतने दिनों का गोला-बारूद बचा है, ऐसी चिंताएं सामने आती थीं। उन्होंने हमारी ऑर्डिनेंस फैक्ट्रियों को बर्बाद कर दिया था। हमने इन्हीं ऑर्डिनेंस फैक्ट्रियों को जीवनदान दिया, उन्हें 7 बड़ी कंपनियों में बदला। उन्होंने HAL को बर्बादी के कगार पर पहुंचा दिया था। हमने HAL को रिकॉर्ड प्रॉफिट लाने वाली कंपनी में बदल दिया। उन्होंने, कारगिल युद्ध के बाद भी CDS जैसे पद के गठन की इच्छा शक्ति नहीं दिखाई। हमने इसको ज़मीन पर उतारा। वो दशकों तक हमारे वीर बलिदानी सैनिकों के लिए एक राष्ट्रीय स्मारक तक नहीं बना पाए। ये कर्तव्य भी हमारी ही सरकार ने पूरा किया। पहले की सरकार तो, हमारी सीमाओं पर आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने से भी डरती थी। लेकिन आज देखिए, एक से एक आधुनिक रोड, आधुनिक टनल, हमारे सीमावर्ती क्षेत्रों में बन रही हैं।

साथियों,

मोदी की गारंटी का मतलब क्या होता है, ये हमारे सैनिक परिवारों ने भी अनुभव किया है। आप याद कीजिए, चार दशकों तक OROP- One Rank One Pension को लेकर कैसे सैनिक परिवारों से झूठ बोला गया। लेकिन मोदी ने OROP लागू करने की गारंटी दी थी और उस गारंटी को बड़े शान के साथ पूरा भी कर दिया। इसका फायदा यहां जब राजस्थान में आया हूं मैं तो बताता हूं, राजस्थान के भी पौने 2 लाख पूर्व सैनिकों को मिला है। उन्हें OROP के तहत 5 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा मिल चुके हैं।

साथियों,

सेना की ताकत भी तभी बढ़ती है, जब देश की आर्थिक ताकत बढ़ती है। बीते 10 वर्षों के अथक और ईमानदार प्रयासों से हम दुनिया की 5वीं बड़ी आर्थिक ताकत बने, तो हमारा सैन्य सामर्थ्य भी बढ़ा है। आने वाले वर्षों में जब हम दुनिया की तीसरी बड़ी आर्थिक ताकत बनेंगे, तो भारत का सैन्य सामर्थ्य भी नई बुलंदी पर होगा। और भारत को तीसरी बड़ी आर्थिक ताकत बनाने में राजस्थान की बहुत बड़ी भूमिका होने वाली है। विकसित राजस्थान, विकसित सेना को भी उतनी ही ताकत देगा। इसी विश्वास के साथ भारत शक्ति के सफल आयोजन की फिर से एक बार मैं आप सबको और तीनों सेनाओं के द्वारा संयुक्त प्रयास को हृदय की गहराई से बहुत-बहुत बधाई देता हूं। मेरे साथ बोलिए-

भारत माता की जय!

भारत माता की जय!

भारत माता की जय!

बहुत-बहुत धन्यवाद!”

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