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क्या शाकाहार एक ‘सवर्णवादी’ विचार और वीगनवाद एक…
वामधारा का आरोप है कि "शाकाहार एक 'सवर्णवादी' विचार है, जिसे लोगों पर 'थोपा' जाता है और इसके बहाने विशेषकर ब्राह्मणवादी ताक़तें मुख्यतया मुसलमानों, दलितों और पिछड़ी जातियों पर निशाना साधती…
जातीय आरक्षण की आग में देश को जलने से बचाईए
आरक्षण खत्म करने का सिर्फ़ एक ही रास्ता है सभी उपक्रमों और सेवाओं का निजीकरण । देखिएगा तब देश के विकास की रफ़्तार चीन से भी तेज हो जाएगी । लिख कर रख लीजिए । बस एक ध्यान सर्वदा रखना पड़ेगा कि…
एक मृत चिड़िया का यह स्मारक दयाधर्म की कविता है!
चिड़िया का स्मारक! स्मारक तो साधारण मनुष्यों का भी नहीं बनता, केवल विशिष्टजनों की मृत्यु के बाद ही उनके लिए शिलालेख बनाए जाते हैं। तब उन नेक लोगों ने चिड़िया का स्मारक बनाकर यह संदेश दिया कि…
बृजमोहन के लिए अंगूर फिलहाल खट्टे क्यों हैं?
यह निश्चित है कि राज्य की राजनीति में अब बृजमोहन अग्रवाल का सीधा दखल नहीं रह पाएगा। चार दशक से प्रदेश की राजनीति करने वाले व्यक्ति के लिए यकीनन यह स्थिति बहुत पीड़ादायक है। बृजमोहन की कसक को…
NEET2024 SCAM पर भारतीय जनता पार्टी की सरकार कुंभकर्ण की नींद क्यों सोई हुई है ?
मेरी दृष्टि में NEET2024 दुनिया का सबसे जघन्य अपराध है। अपने ही देश की प्रतिभाशाली किशोर पीढ़ी को हताश निराश कर मरने के लिए छोड़ देना।
Action Plan of Modi For First 100 Days To Continue
Positive India:New Delhi:
Action plan for first 100 days to continue India's progress under the leadership of PM Sh Narendra Modi.
Soon after assuming the charge as Union Minister ,Dr.…
Plying Motor Vehicles Without Valid Third Party Insurance Is A Punishable Offence
First offence: imprisonment upto three months, or fine of Rs. 2,000 or both;
Subsequent offence: imprisonment upto three months, or fine of Rs. 4,000 or both.
7 वर्ष से लगातार मुख्य मंत्री बने रह कर योगी ने एक बड़ा रिकार्ड बनाया
उत्तर प्रदेश में 7 वर्ष से लगातार मुख्य मंत्री बने रह कर योगी आदित्य नाथ ने एक बड़ा रिकार्ड बना दिया है। इस से ज़्यादा समय तक अभी तक उत्तर प्रदेश में लगातार कोई और मुख्य मंत्री नहीं रह पाया…
वो बच्चा जिसे वैष्णों माता की यात्रा के दौरान बस रोक कर आतंकियों ने मार दिया।
इस बच्चे के लिए कहीं कोई संवेदना नहीं, कहीं कोई शोक नहीं, प्रतिक्रिया का कोई स्वर नहीं... जबतक सामने टुकड़े न फेंके जाय, तबतक वे क्यों बोलेंगे? उनके लिए तो संवेदना भी धंधा ही है।
नीतीश कुमार एक पहेली क्यों हैं ?
नीतीश कुमार पलटी मारने में शुरू से ही उस्ताद हैं। 1994 में लालू यादव से अलग रास्ता अपनाते हुए उन्होंने समता पार्टी बनाई, जिसने 1996 के आम चुनावों में भाजपा के सबसे बड़ी पार्टी बनने का पथ…