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आदि शङ्कराचार्य पर फ़िल्म ने चार-चार नेशनल अवार्ड कैसे जीत लिए ?
फ़िल्म 'आदि शङ्कराचार्य' ने भी 1983 के राष्ट्रीय फ़िल्म पुरस्कारों में सर्वश्रेष्ठ फ़िल्म, सर्वश्रेष्ठ पटकथा, सर्वश्रेष्ठ छायांकन और सर्वश्रेष्ठ ध्वनिमुद्रण के पुरस्कार जीते थे। चार-चार…
Breaking: Modi Govt Reopens PLI Scheme For White Goods
Both new applicants as well as existing beneficiaries of PLIWG who propose to invest more by way of switching over to higher target segment or their group companies applying under different…
तत्त्वबोध’ को वेदान्त की प्रवेशिका क्यों माना गया है?
तत्त्वबोध' का सबसे महत्त्वपूर्ण भाग वह है, जहां शंकर ने तीन शरीरों (स्थूल, सूक्ष्म, कारण) और तीन अवस्थाओं (जाग्रत, स्वप्न, सुषुप्ति) की बात की है और तीनों शरीरों का तीनों अवस्थाओं से सम्बंध…
भक्ति का नशा भारत-देश के वासियों की बुनियादी मनोवैज्ञानिक बाधा क्यों हैं?
भारत की एक और विशिष्टता है- भगदड़। दुनिया के किसी देश में ऐसी भगदड़ नहीं मचती, जैसी यहाँ मचती हैं और सहस्रों सालों से मचती आ रही हैं। सामूहिक अवचेतन में पैठी हुई है भीड़ और भगदड़। मेलों-ठेलों…
शहीद कैप्टन अंशुमान की पत्नी स्मृति सिंह की पीड़ा के आगे हमारा सारा ज्ञान फर्जी क्यों…
हमलोगों पर जाने कितने अंशुमानों का कर्ज है न? जाने कितनी स्मृतिओं के ऋणी हैं हम! अधिकांस को तो हम जानते भी नहीं। हम अपने घरों में सुख से सो सकें इसके लिए रोज ही कोई अंशुमान अपनी आहुति देता…
Breaking: FSSAI Approves Display of Nutritional Information Labelling of Total Sugar,…
Positive India:New Delhi:
The Food Safety and Standards Authority of India (FSSAI) has approved a proposal to display nutritional information regarding Total Sugar, Salt and Saturated Fat…
क्या आप गुरु की तलाश के बारे में जानते हैं?
भक्तिमार्गियों के अनन्य गुरु नारद हैं । भला नारद को कोई साधक खोज सकता है ?
बिहार में आजकल धड़ाधड़ पुल क्यों गिर रहे हैं?
Positive India: Sarvesh Kumar Tiwari:
हमारे बिहार में आजकल धड़ाधड़ पुल गिर रहे हैं। यूट्यूब वाले पत्रकार एक पुल के गिरने पर वीडियो बनाते हैं तबतक दूसरा गिर जाता है। वे दूसरे तक पहुँचते हैं…
क्या भाजपा का थिंक टैंक पूरी तरह अप्रासंगिक हो चुका है?
भारतीय संविधान की जो छीछालेदर कांग्रेस ने ४२वें संशोधन में की थी उसका असर आज तक संविधान के ऊपर से गया नहीं है मगर फिर भी २०२४ में कांग्रेस ने संविधान बचाने को मुद्दा बना कर भाजपा के सर पर…
कथावाचक पं. प्रदीप मिश्र को नाक रगड़ने को क्यों विवश किया गया?
एक लोकप्रिय कथावाचक को इतना अपमानित किया गया? कहीं इसके पीछे वर्चस्व की राजनीति तो नहीं? संत-समाज कथावाचकों-प्रवचनकारों को नीची दृष्टि से देखता रहा है। किन्तु लाडली-जू पर कही गई कुछ बातों-…