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पूजिय विप्र सकल गुन हीना
सनातन धर्म का परमात्मा तो घट घट वासी है । तुलसी कहते हैं “सीय राम मय सब जग जानी । करहुँ प्रनाम जोरि जुग पानी” क्या शूद्र क्या ब्राह्मण !
आर्थिक समीक्षा 2022-23 के मुताबिक भारतीय अर्थव्यवस्था समस्त क्षेत्रों में विकास पथ…
शहरी और ग्रामीण दोनों ही क्षेत्रों में श्रम बाजार मुश्किलों से उबर कर कोविड पूर्व स्तर से ऊपर चला गया है। यही नहीं, बेरोजगारी दर वर्ष 2018-19 के 5.8 प्रतिशत से घटकर वर्ष 2020-21 में 4.2…
मजबूरी का नाम महात्मा गांधी
गांधी के सत्य का राम नाम सत्य करते गांधी के असली दुश्मन असल में कांग्रेस में ही बैठे थे। धीरे-धीरे गांधी इतने लाचार हो गए कि एक मुहावरा ही बन गया कि मजबूरी का नाम महात्मा गांधी।
श्रीरामचरित मानस को जलाने वालो का वंश समूल नष्ट होगा क्यो होगा?
याद करिये जिन्होने प्रभू के अस्तित्व से लेकर राम सेतु तक को मानने से इंकार किया था....जिन्होने भगवा आतंकवाद की कहानी गढ़ी थी....या जिसने भी हमारे अराध्य और हमारी अस्मिता पर सवाल उठाये…
लखनऊ में कौन वाली रामचरितमानस जलाई गई है!
Positive India:Bodhisatva:
आज लखनऊ में तुलसीदास कृत रामचरितमानस को जलाए जाने की एक क्षोभ कारी घटना हुई है। तो उस संदर्भ में बताना है कि मेरे निजी संग्रह में गोस्वामी तुलसीदास विरचित…
गांधी जी की 75वीं पुण्यतिथि की पूर्व संध्या पर सर्वधर्म प्रार्थना सभा का आयोजन
Positive India:Raipur:
ईश्वर अल्ला तेरो नाम सबको सन्मति दे भगवान की थीम के साथ फैक्ट्स रायपुर के तत्वावधान में महात्मा गांधी की 75वीं शहादत दिवस पर सर्वधर्म प्रार्थना सभा और कबीर भजन संध्या…
गद्य व्यंग्य-संग्रह ‘नैतिकता की खोज’ का विमोचन सम्पन्न
Positive India:Raipur:
29 जनवरी रविवार स्थानीय वृन्दावन सभागार में छत्तीसगढ़ के लोकप्रिय कवि राजेश जैन ‘राही’ की दसवीं कृति गद्य व्यंग्य-संग्रह ‘नैतिकता की खोज’ का विमोचन माननीय अतिथियों डॉ.…
विस् अध्यक्ष डॉ. महंत ने महात्मा गाँधी जी की पुण्यतिथि, बलिदान दिवस पर किया नमन
संयुक्त राष्ट्र संघ ने भी वर्ष 2007 से गांधी जयंती को ‘विश्व अहिंसा दिवस’ के रूप में मनाए जाने की घोषणा की है। विश्व पटल पर महात्मा गांधी सिर्फ एक नाम नहीं अपितु शांति और अहिंसा का प्रतीक…
कमलेश्वर अभी ज़िंदा हैं
कमलेश्वर ने न सिर्फ़ कहानी के मोर्चे पर बल्कि वैचारिक स्तर पर भी खास कर धर्मनिरपेक्षता के मामले पर भी काफी काम किया। और मोर्चा लेना तो उन का जैसे शगल ही था। उन की आवाज़ में जो खनक हमेशा समाई…
क्या आप आस्था बनाम प्रमाण का फर्क जानना चाहते है?
जब कोई धीरेंद्र शास्त्री जैसा व्यक्ति सामने आता है तो मन दुविधा में पड़ जाता है। प्रमाण की बातें छोड़कर आस्था के सामने नतमस्तक हो जाना पड़ता है। इसलिए हर बात में यदि हम प्रमाण चाहते हैं तो…