Browsing Category
India
Chhattisgarh Pradesh Rifle Association Shooting Competition Concludes.
Positive India:Raipur:23.08.2024:
Under the aegis of National Rifle Association of India, a shooting competition was organized by Chhattisgarh Rifle Association at the shooting range of…
दिलीप मंडल सनातन की मां-बहन करने के लिए कुख्यात हैं
दिलीप मंडल भाजपा का सिर्फ़ नुक़सान करेंगे और अपना लाभ , जैसे जस्टिस कर्णन को जेल भिजवा दिया और अपनी कमाई की ।
त्रेता युग के सब से बड़े राम भक्त अगर हनुमान हैं तो कलयुग के बड़े राम भक्त कल्याण सिंह
कल्याण सिंह न होते , उन की डिप्लोमेसी , उन की तिकड़म न होती , तो अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण कभी नहीं होता।
विष्णु देव साय का कितना नियंत्रण
साय सरकार के भीतर व बाहर जो नये शक्ति केंद्र बन गए हैं , उससे यह सोच पाना मुश्किल है कि वास्तव में सरकार कौन चला रहा है? मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय या कोई और? कहा जाता है कि साय दरअसल दबाव…
जब बंट गया था देश !
भागती लड़कियां मरने से पहले एक बार यह सोच कर मर जाती थीं कि जो युवक उनका दुपट्टा खींच रहा है, उसे पिछले ही सावन में उसने राखी बांधी थी। वह पहले दुपट्टा खींचता, फिर हाथ, फिर टांग...
यूपी में बढ़ता लव जेहाद
मित्रों,आपसे विनती है,उस पिता की,कि लिंक में दिए इस वीडियो को अधिक से अधिक देखें,पूरा देखें और शेयर करें,शेयर करें अपने तमाम व्हाट्सएप ग्रुप में,अपने फेसबुक ग्रुप में,अपने टेलीग्राम ग्रुप…
पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति शासन लगाने की हैसियत में नहीं हैं नरेंद्र मोदी
बांग्लादेश में जिस तरह हिंदुओं पर हमले अभी भी जारी हैं , मंदिरों और स्त्रियों पर लूट - पाट , अत्याचार और बलात्कार अभी भी थमा नहीं है। सोचिए कि बांग्लादेश में आंदोलन आरक्षण को ले कर हो रहा…
बुलडोजर कहीं न कहीं सड़ी हुई न्याय प्रक्रिया का अंश है।
हसन हुसैन को मारने वाले हिन्दू नहीं थे लेकिन उनकी हत्या का मातम यहाँ मनाया जाता है। फ्रांस या अमेरिका में किसी मुस्लिम की हत्या पर भारतीय मुसलमानों की गांठ में खुजली होने लगती है। यहाँ…
फ़ेसबुक पर ढपोरसंखी लेखकों की कम होती रीच का तराना और उन की फटी ढोल
ढपोरसंखी लेखक हैं जो अपने से असहमत लोगों को अनफ्रेंड कर देते हैं। ब्लाक कर देते हैं। फिर भी फ़ेसबुक पर , फ़ेसबुक के ही ख़िलाफ़ मुनादी करते फिरते हैं कि उन की रीच कम कर दी गई है।। यह फ़ेसबुक की…
140 करोड़ की आबादी के बावजूद ओलिम्पिक में एक अदद स्वर्ण हमारे लिए दिवास्वप्न है।
हमारे यहाँ खेल-प्रतिभाओं को पुरस्कृत करने वाली संस्कृति नहीं है और ऐसे में 140 करोड़ की आबादी के बावजूद ओलिम्पिक में एक अदद स्वर्ण हमारे लिए दिवास्वप्न है। ऐसा हम सोचेंगे तो अपने खिलाड़ियों…