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कमलनाथ के हाथ से, फिसल रही सरकार
छापों में उलझे हुए, बाबू कुछ असहाय,
नेताजी अब कीजिए, बढ़कर आप उपाय।
जोगीरा सा रा रा रा रा
नगदी की गिनती हुई, छापों को विश्राम
Positive India:Rajesh Jsin Rahi:
जाँच सदा चलती रहे, बदल बदल कर नाम,
बोझ तले हैं कुर्सी के, सच्चे सब परिणाम।
नगदी की गिनती हुई, छापों को विश्राम,
नेताजी जी निर्दोष हैं, हुई घोषणा शाम।…
दंगों की यह त्रासदी, महज नहीं संयोग
राजनीत देती रही, उल्टे सभी बयान,
लाश देख देकर गयी, राहत का सामान।
छापों में उलझे हुए, छपने के शौकीन
आँसू में लिपटा हुआ, धरने का अंजाम।
इसी तरह चलता रहे, राजनीति का काम।।
राम के प्रभाव पर, राम के स्वभाव पर
राम आसमां से ऊँचे, गहरे हैं सागरों से,
खरबों कहानियाँ भी, कम पड़ जाएंगी
जटाधारी जल देके, वसुधा को सींचिये
Positive India:Rajesh Jain Rahi:
एक बार भोले नेत्र, तीसरा भी खोलकर,
बैरियों का आप फिर, सर्वनाश कीजिए।
कुछ हैं असुर सीमा पार कुछ देश में हैं,
यथा योग्य आज आप, उन्हें दंड दीजिए।…
संविधान की दुहाई, देते खुद तोड़कर
गंगा बहती है मेरे देश में सभी के लिए
धरने की ओर धारा, कुछ मोड़ने लगे।
मिलता है कहीं मान, कहीं अपमान होता
Positive India:Rajesh Jain Rahi:
मिलता है कहीं मान, कहीं अपमान होता,
दुनिया के सारे आप, रंग देख लीजिए।
बदली किताब और, कायदे बदल गए,
नयी दुनिया के नये, ढंग देख लीजिए।
ढीले-ढाले…
दुनिया के सारे आप, रंग देख लीजिए
वक़्त अच्छा देख लिया, साथ आपके थे सब,
धूप हुई तेज कौन, संग देख लीजिए।
मिले जो गरीब कोई, हँसी न उड़ाइये
दिल से मदद हो वो, दिल तक जा सके जो,
हाथ पर हाथ रख, गले लग जाइए।