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Entertainment

नगदी की गिनती हुई, छापों को विश्राम

Positive India:Rajesh Jsin Rahi: जाँच सदा चलती रहे, बदल बदल कर नाम, बोझ तले हैं कुर्सी के, सच्चे सब परिणाम। नगदी की गिनती हुई, छापों को विश्राम, नेताजी जी निर्दोष हैं, हुई घोषणा शाम।…

जटाधारी जल देके, वसुधा को सींचिये

Positive India:Rajesh Jain Rahi: एक बार भोले नेत्र, तीसरा भी खोलकर, बैरियों का आप फिर, सर्वनाश कीजिए। कुछ हैं असुर सीमा पार कुछ देश में हैं, यथा योग्य आज आप, उन्हें दंड दीजिए।…

मिलता है कहीं मान, कहीं अपमान होता

Positive India:Rajesh Jain Rahi: मिलता है कहीं मान, कहीं अपमान होता, दुनिया के सारे आप, रंग देख लीजिए। बदली किताब और, कायदे बदल गए, नयी दुनिया के नये, ढंग देख लीजिए। ढीले-ढाले…