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बोए पेड़ बबूल का आम कहां से होय- राही की कलम से
शूल बिछाकर ये मत सोचो,
मीठा तुमको आम मिलेगा।
इतालवी भाषा विशेषज्ञ प्रतिष्ठा सिंह भारतीय लेखिका को इटली ने दिया नाइटहुड सम्मान
Positive India:नयी दिल्ली,
इतालवी भाषा विशेषज्ञ प्रतिष्ठा सिंह को इटली ने नाइटहुड सम्मान प्रदान किया है। यह सम्मान भारत-इतालवी संबंधों को बढ़ावा देने के लिए सांस्कृतिक और राजनीतिक अध्ययन…
प्रेम निवेदन….राही की कलम से
Positive India:Rajesh Jain Rahi:
प्रेम निवेदन
हौले हौले बात करेंगे,
आँखों ही में रात करेंगे।
प्रेम निवेदन करना मुश्किल,
छूकर हम शुरुआत करेंगे।
धूप बहुत तीखी-तीखी…
मेरे दिल अजीज पर श्रंगार का रस-राही की कलम से
पास नहीं है पता ठिकाना,
लेकिन वह अब तक अपना है।
जिरहनामा- कहां हो, कहां नहीं हो विवेकानन्द?
विवेकानन्द ने कहा था कि धरती पर अगर कोई देश है जो खुद अपने बदले दुनिया के लिए जीने को तरजीह देता है तो केवल भारत है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत में दूसरा सबसे बड़ा धर्म इस्लाम भाईचारे का जिस…
सफर में धूप तो होगी, चल सको तो चलो में ’’माँ’’ कृति का विमोचन
मुख्य वक्ता के रूप में यातायात डीएसपी रायपुर मणिशंकर चंद्रा ने सूरत जैसी घटनाओं की पुनरावृति न हो इस पर अपने महत्वपूर्ण विचार रखे। कार्यक्रम में कवयित्री श्रीमती सुनीता पाठक की काव्य कृति…
आज के युग में छत्तीसगढ़िया फिल्मों का अस्तित्व।
positive India: Raipur;
अगर छत्तीसगढ़ी फ़िल्मों का अस्तित्व बचाना चाहते हैं तो सबसे पहले छत्तीसगढ़ से बाहर वालों की इस क्षेत्र में एन्ट्री बंद कीजिये।क्योंकि ये छत्तीसगढ़ी बोली ,संस्कार की…
राही की कलम से-ममता की ना पर कटाक्ष
शपथ में न जाने क्यूँ नहीं वो,
हाथ में हमारे तो कमल है।
यह ऋतुराज का ग्रीष्मकाल-कनक तिवारी की कलम से
जवाहरलाल नेहरू भगतसिंह, सुखदेव और राजगुरु की फांसी से पहले इसलिए खामोश रहे कि कहीं गांधी नाराज़ न हो जाएं। फांसी के एकदम बाद उन्होंने अपनी खामोशी की दलील देते हुए एक वक्तव्य दिया। ‘‘मैं खामोश…