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Editorial
कंगाल हाल पाकिस्तान में मुजाहिद्दीन को तख़्ता पलटने में देर क्यो नहीं लगेगी?
पाकिस्तान में तो अभी बहुत सारे हिंदू सिख और ईसाई हैं इनके अलावा कलश जनजाति की सुंदर लड़कियाँ भी हैं जो मंडी में बहुत ऊँची क़ीमत पर बिकेंगी । लौंडी ग़ुलाम बनाकर बेचना इस्लाम में एक हलाल रोज़ी…
भारतीय मदद के बावजूद क्या तुर्की अब भारतीय मुसलमानों पर डोरे डालना छोड़ेंगा?
टीपू सुल्तान ने तुर्की के उस्मानी ख़लीफ़ा से अपने लिये सुल्तान का दर्जा हासिल किया था । तुर्की जानता है कि हिंदुस्तानी मुसलमानों में अपने हिंदी होने को लेकर भारी हीन भावना है । सऊदी तो…
अधरा न धरौंगी…
Positive India:Sarvesh Kumar Tiwari:
फरीद लिखते हैं, "रे कौवे! मेरा सब तन खा ले, बस आंख छोड़ दियो! कौन जाने उस निर्जीव आंख के भाग्य में ही पिया को देख लेना बदा हो! एक बार, बस एक बार किसी को…
क्या है राजनारायण और राहुल गांधी में फर्क?
राजनारायण और राहुल गांधी में एक बड़ा फ़र्क़ है। राजनारायण लोगों को प्रत्यक्ष रूप से हंसाते थे। राहुल गांधी अमूमन अप्रत्यक्ष रूप से हंसाते रहते हैं। राजनारायण समझ जाते थे कि लोग क्यों हंस रहे…
जादूगर सीएम अशोक गहलोत को 7 मिनट तक पता ही नहीं चला कि वे पुराने वर्ष का बजट पढ़ रहे…
गहलोत साहब को बजट पढ़ते हुए पीछे से जब सचेतक ने सचेत किया कि सीएम साहब पुराना बजट पढ़ रहे हैं, बड़ा दिलचस्प जवाब नीतीश कुमार की तरह ही गहलोत साहब ने कहा, "करा दी।"
बागेश्वर धाम वाले शास्त्री जी अपने हिस्से की लड़ाई लड़ रहे हैं और आप ?
बागेश्वर धाम वाले शास्त्री जी देवता नहीं हैं, सामान्य मनुष्य ही हैं। उनमें कुछ मानवीय कमजोरियां भी हो सकती हैं। सम्भव है कि बौद्धिक तर्कों की कसौटी पर वे खरे न भी उतरें। फिर भी, वे अपने…
मदनी ने दुनिया में इस्लाम की उपस्थिति हज़रत आदम के दौर से होने का दावा क्यो ठोका?
एक कहानी पैदा की गई कि हज़रत आदम को जब स्वर्ग से निकाला गया तो उन्हें श्रीलंका में उतारा गया और वे इसी पुल को पार कर मुख्य भूमि में आए । आदम चूँकि पाश्चात्य धर्मों के मुताबिक़ सृष्टि के आदि…
प्रधानमंत्री मोदी ने बोहरा समुदाय के मुसलमानों के साथ अपनी मुलाकात को नए तरीके से…
पसमांदा मुसलमानों और अशराफ मुसलमानों का अनुपात तकरीबन 80 अनुपात 20 का है। ठीक वैसे ही जैसे दलित और सवर्ण का है। 20% अशराफ, 80% पसमांदा को दबाकर कुचलकर उसके ऊपर मजहबी एकता का झंडा बुलंद करते…
नेहरू कभी भी किसी के सामने नहीं रोते तो क्या कोई और नहीं रो सकता
वामपंथी दोस्त तो नरेंद्र मोदी की हर अच्छी बात में भी निगेटिव खोज लेते हैं। हां , जाने क्यों अभी तक न वामपंथी , न कांग्रेस , न कोई और विरोधी नरेंद्र मोदी के रोने में अडानी , अंबानी कनेक्शन…
देश देख रहा है, एक अकेला कैसे कितनों को भारी पड़ रहा है
दोनों सदनों में मोदी जी के भाषणों का बयांकरण बता रहा है कि चुनावी बिसात बिछ चुकी है। "मैं अकेला कितनों पर भारी हूं" वाला बयान बताता है कि इस बार मोदी जी अपने कार्य और साख के साथ-साथ अपनी छवि…