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Editorial
राहुल गांधी के बयान को विवाद का विषय मानने के बजाय विमर्श का विषय क्यो मानना चाहिए?
राहुल गांधी क्या बोलते हैं, के बजाय क्यों बोलते हैं, इस पर बिल्कुल अलग तरीके के विमर्श की आवश्यकता है। विवाद मानने से हल नहीं हो सकता।
कुतर्की और नफरत के शिलालेख लिखने वाले जहरीले लोगों के विमर्श में फंसने से कृपया बचें
तुलसीदास ने रामचरित मानस हिंदी में नहीं अवधी में लिखी है। अवधी जुबान है रामचरित मानस की। और कि किसी भी अवधी वाले से , अवधी जानने वाले से पूछ लीजिए कि अवधी में ताड़न शब्द का अर्थ क्या है ? वह…
विश्व महिला दिवस पर विशेष आलेख
एक स्त्री का जीवन कैसा हो, इसे तय करने का अधिकार स्त्री के सिवा किसी और को नहीं है।
रंग शब्द हमारा नहीं है फिर हमनें इसे क्यो अपनाया ?
इस्लाम का आगमन जिस प्रकार से भारत में हुआ, फारसी से लिया गया शब्द 'रंग' को उर्दू के माध्यम से सूफियों ने भी भारत में खासकर उत्तर भारत में लोकप्रियता दिलाई।
राहुल की हर बात पर भौंकते भाजपाई !
राहुल की एक बात पर दस भाजपाई भौंकते हैं। जिस राहुल गांधी के पास कोई जनाधार नहीं है , भाजपाइयों का बौखलाना और भौंकना ही राहुल का अब आधार है।
आखिर केरल में वामपंथ क्यों विजयी होता है ?
केरल में वाम दलों के आम समर्थकों और कार्यकर्ता जनों के लिए यह पूरी स्वतंत्रता है कि वे अपने सामाजिक जीवन का निर्धारण कैसे करें।
मिले सुर मेरा तुम्हारा तो सुर बने हमारा गाते यू ट्यूबरों की लीला
Positive India:Dayanand Pandey:
यू ट्यूबर अब पेड न्यूज़ की नई खेती हैं। सारे सेक्यूलर चैंपियंस एन जी ओ का पहाड़ा छोड़ कर यू ट्यूब पर ट्रवेल कर रहे हैं। इन में कुछ लोग तो प्रमुख चैनलों से…
1947 से कांग्रेस और मुसलमानों ने इसे देश को दंगा विरासत में सौंपा है
1947 से कांग्रेस और मुसलमानों ने इसे देश को विरासत में सौंपा है । कभी समय मिले तो खुशवंत सिंह का उपन्यास ए ट्रेन टू पाकिस्तान पढ़ें । कभी 1984 के सिख दंगे के विवरण पढ़ें। कांग्रेस राज में…
मानवीय मदद के बावजूद तुर्की ने फिर कश्मीर मुद्दे पर पाकिस्तान का समर्थन किया !
Taxpayers money wasted on Turkey earthquake .
क्या खालिस्तान पर धर्म और स्टेट दोनों की मुहर लग गई है?
अरविंद केजरीवाल ने खालिस्तानियों की गोद में बैठकर पंजाब की वर्तमान सरकार को पैदा किया है।