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Editorial

पश्चिम बंगाल के चुनावी घमासान में वामपंथी दल और कांग्रेस कहीं क्यों नहीं दिख रहे

पश्चिम बंगाल में भी भाजपा के सिर्फ़ तीन ही विधायक हैं अभी। पर भाजपा ने तृणमूल कांग्रेस और उस की सुप्रीमो ममता बनर्जी की नाक में पानी भर दिया है। और कामरेडजन वहां लाल सलाम भी नहीं कह पा रहे…

ये देश केवल नरेन्द्र मोदी का नहीं है।

जिस फकीर की मां आज भी 2 कमरे के सरकारी क्वार्टर में रहती है। जिसके भाई बहन भतीजे भतीजियां भंजियां समेत सभी रिश्तेदार पेट्रोल पम्प पर नौकरी कर के, किराने और टायर की दुकान चलाकर अपनी ज़िंदगी…

अमित शाह ने लगता है ममता की चुनौती स्वीकार कर ली है

अमित शाह ने लगता है ममता को चुनौती स्वीकार कर ली है। अभी आज ही अभिषेक बनर्जी की पत्नी और साली को सी बी आई ने कोयला घोटाला जांच में सम्मन किया है। आज 3 बजे दिन में पूछताछ होनी थी। दोनों बहनें…

अच्छा अगर भारत के पास आज की तारीख़ में राफेल न होता तब ?

नरेंद्र मोदी नाम की राफ़ेल से कांग्रेस को कुछ सीख लेनी चाहिए। नहीं नेस्तनाबूद होने से किसी को कोई रोक सका है क्या ? इमरान खान पाकिस्तान को बचाने के लिए बिना शर्त अभिनंदन को छोड़ सकता है तो…

राहुल गांधी को मूर्ख अंगरेज बना देख कर मुझे अपना बचपन याद आ गया

एक औरत ने तमिल में बोलते हुए खूब गुस्से में आ कर भला-बुरा कहते हुए राहुल गांधी से बताया कि पिछले सुनामी में हम लोग बरबाद हो गए , पर सरकार से कोई मदद नहीं मिली। राहुल गांधी ने मुख्य मंत्री के…

राहुल गांधी बताए कि भारत के कृषि बाजार पर कब्जे के लिए अडानी अम्बानी को पैसा किस का…

नए कृषि कानूनों के विरोध में भारत की कृषि पर अडानी अम्बानी के कब्जे का राग अलाप रहे राहुल गांधी और अन्य विपक्षी दल यह बताएं कि भारत के कृषि बाजार पर कब्जे के लिए अडानी अम्बानी को पैसा किस का…

निहत्थे पुलिस वालों की पीठ पर गोली दाग कर पलट कर भागते कायर आतंकी का विश्लेशण

बात बात पर फतवा देने वाली नसल के कथित कायर जंगजू अपने पुरखों के समय से ही लड़ने वाली असल आमने सामने वाली युद्धनीति मे भरोसा नही करते...........बल्कि इन्हे सदियों से बहादुरी की परिभाषा का…

राक्षसी करतूतों को अंजाम देने के लिए उम्र की कोई सीमा नही होती

26 जनवरी को दिल्ली में हुए देशद्रोही दंगों की साजिश रचने में साझेदारी भागीदारी के देशद्रोही कुकर्म के लिए ठोस सबूतों के साथ गिरफ्तार हुई दिशा रवि के पक्ष में दिल्ली के लुटियन जोंस के सियासी…

आंदोलनजीवियों का आंदोलन पहले हिंसा के जंगल में खो गया।

राहुल गांधी ने अपने भाषण में किसान आंदोलन को इतना फोकस किया कि आंदोलनजीवी परजीवी भी समझ गए कि अब आंदोलन से फूट लेना ही बेहतर है।