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Editorial
जब गुकेश डी ने कहा था, मुझे सबसे कम आयु का विश्व चैंपियन बनना है”।
गुकेश दूबे को बहुत बहुत बधाई...
मेरी टीचर्स की स्मृतियाँ
काश मैं मोहिनी मैम को अपने पास छुपा लेता, उन्हें किसी को नहीं सौंपता।
साय सरकार का एक वर्ष: नक्सल मुद्दे पर बेहतर
यदि किसी मीडिया कर्मी को सीएम से मिलना हो तो इसके लिए उसे भारी मशक्कत करनी पड़ती है. अफसरों का ऐसा घेरा मुख्यमंत्री को जमीनी हकीकत से वंचित करता. है राजनीतिक दृष्टि से भी यह प्रवृति पार्टी…
भारतीय भ्रष्ट ज्यूडिशरी सिस्टम उस जज के समान है जो अतुल को बर्बाद कर बीवी के नाजायज…
हिंदुस्तान उनके बाप का नहीं था, न अब है। लेकिन आज भी मुस्लिम समाज की दादागिरी और धौंस देखिए, आधी भूमि हड़पकर भी बिल्कुल अतुल की बीवी जैसा आचरण है
अतुल सुभाष की आत्महत्या कानून के दायरे में होने वाली प्रताड़ना और अत्याचार का मुद्दा…
आदमी जब पीड़ित होता है तो कोर्ट की शरण में जाता है। जब कोर्ट ही अन्याय करने लगे, पीड़ा देने लगे तो कहाँ जाय?
प्रेम के चूके हुए अवसर
"मैं ब्राह्मण कुल में नहीं जन्मा तो क्या हुआ? कर्म और वर्ण से मैंने स्वयं को सदैव विप्र ही समझा है।
भारत के लिए एक नया संविधान समय की आवश्यकता है
लोहिया कहते थे कि ज़िंदा क़ौमें पाँच साल इंतज़ार नहीं करतीं और फ़्रांस कहता है कि ज़िन्दा क़ौमें एक संविधान से चिपकी नहीं रहतीं ।
पुष्पा जैसी सबसे अधिक कमाई करने वाली अधिकांश फिल्में हिंसा से भरी हुई है
यह धर्म का अनुशासन ही है कि ईरान से भाग कर आये सौ डेढ़ सौ पारसी न केवल हजार वर्ष से सुखमय जीवन जी रहे हैं, बल्कि टाटा के रूप में सबसे बड़े व्यवसायी और भाभा के रूप में सबसे बड़े वैज्ञानिक बन…
कुछ बाते कभी भूली नहीं जानी चाहिए
Positive India:Sarvesh Kumar Tiwari:
हमें याद रहना चाहिए कि सन 1528 में एक क्रूर, असभ्य, अभद्र आतंकवादी ने अयोध्या में महाराज विजयचन्द( कन्नौज नरेश जयचंद के पिता! मन्दिर जयचन्द की…
अब दिल्ली की चुनौती
दिल्ली चुनाव के संदर्भ में सबसे खराब स्थिति कांग्रेस की रही है. हरियाणा के बाद महाराष्ट्र में भी भीषण पराजय से दिल्ली पुन: दूर नज़र आने लगी है ।