Browsing Category
Editorial
छत्तीसगढ़ को अपने कलम से गढ़ने को तैयार एक युवा साहित्यकार
गजेंद्र साहू छत्तीसगढ़ी भाषा के उत्थान व उसे सविधान की आठवीं अनुसूची में दर्ज कराने के पहल में अपना सर्वस्व योगदान देना चाहते है। उनकी बहुत जल्द छत्तीसगढ़ी भाषा में कहानी संग्रह ‘अँजोरी पाख’…
भारत की आस्तीन के वामपंथी सांप पाकिस्तान के कौमी तराने क्यों बजाने लगे ?
धूर्त वामपंथी संपादक टोक्यो ओलिंपिक में भारतीय तिरंगे की बराबरी में पाकिस्तानी के इस्लामी झंडे को फहराता हुआ और भारतीय राष्ट्रगान के साथ पाकिस्तान के कौमी तराने को बजता हुआ सुनना चाहता है।
नीरज चोपड़ा का गोल्ड मेडल पेगसस टीम से बर्दाश्त क्यों नहीं हो रहा ?
पूरा देश गोल्ड मेडल में चहक और गमक रहा है पर इस पेगसस ऊर्फ टुकड़े-टुकड़े गैंग वालों का पृष्ठ भाग इतना सुलग गया है कि पाकिस्तान को गोल्ड मैडल की परिकल्पना के सुख में डूबा हुआ है।
हरेलि: छत्तीसगढ़ के पहिली तिहार के गाड़ा गाड़ा बधाई
हरेलि के तिहार छत्तीसगढ़ के पहिली तिहार हरे जेन ला बरसा रितु म सावन के अमावस के दिन छत्तीसगढ़ म रहवईया मन मनाथे।
किसान आंदोलन में दम होता तो बासी पैगसस का कोहराम न होता
किसान आंदोलन में दम होता तो बासी पैगसस का कोहराम न होता। पैगसस का मामला 2019 का है। विपक्ष समेत नरेंद्र मोदी वार्ड के मरीजों को अब से सही समझ लेना चाहिए कि मंकी एफर्ट्स से देश की छवि से खेला…
शिक्षकों की संविदा भर्ती के लिए 3 अगस्त से साक्षात्कार
पॉजिटिव इंडिया:बलौदाबाजार, 31 जुलाई 2021
स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय योजना के अंतर्गत जिले में शिक्षकों की संविदा भरती के लिए अंतिम पात्रता सूची का प्रकाशन कर दिया गया है।…
भारत के प्रतिभाशाली युवा एक बार फिर वर्ण एवं वर्ग व्यवस्था के शिकार
सरकारी चाहे कितनी भी बदले, वोट बैंकिंग हमेशा मजबूरी रहेगी।
जब पुलिस इनकाउंटर से जान बचा कर मुलायम सिंह यादव इटावा से साइकिल से खेत-खेत दिल्ली…
विश्वनाथ प्रताप सिंह के पास पुष्ट सूचना थी कि मुलायम सिंह यादव के दस्यु गिरोहों से न सिर्फ सक्रिय संबंध थे। बल्कि डकैती और हत्या में भी वह संलग्न थे। फूलन देवी सहित तमाम डकैतों को मुलायम…
यह दाल तो जूतों में ही बंटेगी और जमकर बंटेगी।
TMC व Left के गठबंधन की संभावनाएं उतनी ही असंभव हैं जितनी नागिन के साथ नेवले के रोमांस की संभावना।
उन जैसा ना कोई था, ना कोई होगा।
चंद्रशेखर आजाद का निशाना कितना अचूक था और उन्हें अपने निशाने पर कितना गजब का आत्मविश्वास था। क्योंकि जरा सी चूक से उनके माउजर से निकला अंगारा भगतसिंह या राजगुरू को ही मौत के घाट उतार सकता…