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Editorial
मां के बनाए काजल की कालिख से मुनव्वर राना ने अपना चेहरा काला कर लिया
मुनव्वर राना ने मां के बनाए काजल को अपनी आंख में लगाने के बजाय अपने चेहरे पर पोत कर अपना चेहरा काला कर लिया है। इंसानियत को शर्मशार कर दिया है। धिक्कार है इस मुनव्वर राना पर। वह लोग जो…
दीवाली के पटाखों के विरुद्ध चिन्ता का पाखण्ड दूषित और हिन्दू हिंदुत्व विरोधी षड़यंत्र…
क्या दीवाली के अलावा साल के शेष 364 दिनों में वायु प्रदूषण के कारण प्रतिदिन मरनेवाले 3287 लोगों की जान की कोई कीमत नहीं है.?
आदिगुरु भगवान शंकराचार्य की प्रतिमा की स्थापना सनातन समाज के लिए गौरव का विषय है।
हमारे लिए बहुत शर्म की बात है ये। इन मठाधीशों को हम अपनी तरफ से शर्म प्रेषित करते हैं। शर्म प्रेषित करते हैं उन जड़ हिंदुओं को भी जो प्रधानमंत्री मोदी की केदारनाथ यात्रा पर प्रश्न उठा रहे…
जयंती सरदार पटेल की पर गुणगान जिन्ना का?
जिन्ना का गुणगान राष्ट्र के विभाजन का गुणगान है। जो कि समाजवादियों के लिए राष्ट्रद्रोह नहीं बल्कि समाजवाद की एक नई जिम्मेदारी है।
काबुल नदी का जल भारत के टुकड़े कर देने वालों के मुंह पर एक जोरदार तमाचा है।
बौद्धिक वामपंथियों के पास उस बालिका के लिए कोई जवाब नहीं है जिसने अयोध्या से 1500 किलोमीटर दूर होने के बावजूद भगवान श्री राम को अर्पित करने के लिए प्रधानमंत्री मोदी को काबुल नदी का जल भेजा।…
हार के बाद विराट के चेहरे की मुस्कान क्या कह रही है?
चेहरे पर इस तरह मुस्कान आना संभव नही है...आती भी है तो उसमे दर्द झलकता है।
बालीवुड जैसे गटर और क्रिकेट जैसे सट्टे के प्लेटफार्मों पर खड़े लोगों को हीरो मानेंगे तो बुरा मत मानियेगा... सदैव…
लड़की हूं , लड़ सकती हूं ! स्लोगन में संभावनाएं बहुत हैं लेकिन
लड़की हूं , लड़ सकती हूं। बिलकुल खिला-खिला स्लोगन। एकदम चटक और अपीलिंग। किसी ख़ूबसूरत कविता की तरह। किसी वामपंथी सांस्कृतिक दल के नुक्कड़ गीत की थिरकन मन में हिलोर मारने लगती है। लेकिन इस स्लोगन…
मक्कार क्रिकेट वालों को लोग भगवान से नीचे उतारने को क्यों तैयार नहीं हैं?
अभी भारत छोड़कर दुनिया के चार देशों में हिंदू मारे जा रहे हैं, मूर्तियां तोड़ी जा रही हैं। दुनिया भर में हिंदू इसके लिए आंदोलन कर रहे हैं। और ये क्रिकेटर्स अमेरिका के एंटी नेशनल मूवमेंट…
समीर वानखेड़े के लिए कृपया बोलिए नहीं, चीखिए, पूरी ताक़त से चीखिए
समीर वानखेड़े के पक्ष और समर्थन में बोलिए नहीं, चीखिए, पूरी ताक़त से चीखिए, सोशलमीडिया के हर मंच पर चीखिए। नशेड़ी बॉलीवुड के समर्थन में नवाब मलिक की नंगई के खिलाफ मुर्दों की तरह चुप्पी साधे…
भारत में कोयले की कमी कहां है?
कंपनियां चीन से भागकर भारत ना आ जाए, इसके लिए मोदी का राजनीतिक विरोधी "कोयला ही खत्म है" बताकर पूरी जोर लगाए हुआ है।