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Editorial
केजरीवाल ने पंजाब की तबाही बरबादी का रोडमैप किया तैयार
एक हजार रुपये महीना की चुनावी घूस देने की केजरीवाल योजना पर 13200 करोड़ रुपए खर्च होंगे। शेष बचे मात्र 4394 करोड़ रुपये में पंजाब की 3 करोड़ कुल जनसंख्या की शिक्षा स्वास्थ्य सड़क कृषि बिजली पानी…
हिंदुत्व के जाल में कैसे फंसी कांग्रेस ?
कांग्रेस के लिए हिंदुत्व अब दोधारी तलवार बन कर उपस्थित है। कांग्रेस न मुसलमानों की बन कर रह पा रही है न हिंदुओं की। लेकिन एक निर्मल सच यही है कि वोटबंदी के लिए कांग्रेस आज भी मुस्लिम…
शालीनता अपमान और समर्पण की त्रासदी
योगी की चाल में अपमान की चुभन साफ़ परिलक्षित हो रही है। पर उन की प्रधान मंत्री के प्रति , प्रोटोकॉल के प्रति शालीनता और समर्पण की पदचाप भी उपस्थित है इस फ़ोटो में । फ़ोटो देखने का अपना-अपना…
क्यों खतरनाक हिन्दूद्रोही और भारतद्रोही है कांग्रेस का नेता सलमान ख़ुर्शीद ?
हिंदुत्व की तुलना आदमखोर इस्लामी आतंकी संगठनों बोको हरम और ISIS से कर के कांग्रेसी नेता सलमान खुर्शीद ने केवल 100 करोड़ हिन्दूओं को आहत अपमानित नहीं किया है। उसने 100 करोड़ हिन्दूओं के आराध्य…
एक मोदी की तानाशाही छवि के कितने स्टेकहोल्डर्स ?
अब इतने दांव लगाओगे तो तमाम जुआरियों, खालिस्तानियों, आतंकवादियों, चीनियों, पाकिस्तानियों को औकात में लाने के लिए मोदी कानून क्यों नहीं पलट सकता?
चुनाव का डर ही अगर सब कुछ है तो नरेंद्र मोदी किस लिए भला ?
कृषि क़ानून की वापसी भर नहीं है यह। नरेंद्र मोदी नाम के इक़बाल और धमक का मिट्टी में मिल जाना है यह। इंदिरा गांधी के बाद देश को कोई सख़्त फ़ैसले लेने वाला प्रधान मंत्री मिला था तो वह नरेंद्र मोदी…
कृषि कानून वापसी की खबर सुनते ही मन भारी हो गया
इस शोक में मिठाइयां बंट रही हैं। जश्न का माहौल है। देशभर में ढोल नगाड़े बज रहे हैं। लोग खुशी से झूम रहे हैं। ये वही लोग हैं जो मोदी में से उसके असल व्यक्तित्व को मारकर एक निस्तेज व्यक्तित्व…
लेकिन गांधी को राष्ट्रपिता का ख़िताब तो नेता जी सुभाषचंद्र बोस ने ही दिया है
नसीरुद्दीन शाह , शाहरुख़ ख़ान , आमिर ख़ान जैसों चुके हुए अभिनेताओं की तरह कंगना रानावत को ख़बरों में बने रहने के लिए ऐसी बेहूदा और निरर्थक बयानबाजी से भरसक परहेज़ करना चाहिए। विवादित बयान देने की…
राष्ट्रीय प्रेस दिवस तथा पत्रकारिता का विश्लेषण
समाचारों पर आधारित विचार तो स्वागत योग्य हो सकते हैं, परंतु विचारों पर आधारित समाचार अभिशाप की तरह है। ऐसी पत्रकारिता को पीत पत्रकारिता कहते हैं जिसमें सही समाचारों की उपेक्षा करके सनसनी…
भारत की तरक्की से श्वान वृत्ति और प्रवृत्ति वालों की तकलीफ़ क्यों बढ़ती ही जा रही है?
हबीबगंज को रानी कमलापति कर दे रहे हैं। अति कर दी है। हबीबगंज को रानी कमलापति कर दिया। एक पूर्व शासक के प्रतीक का नाम हटा कर औरत का नाम लगा दिया स्टेशन पर। वह औरत जो उन की किताब के मुताबिक़…