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Editorial
राकेश टिकैत के कुंठा की गहराई देखिए जरा
राकेश टिकैत का हलक सूखता जा रहा है। ठसक औंधे मुंह गिरता जा रहा है। उसका रसूख टूटता जा रहा है।
राजनीतिक मसखरों के राजनीतिक डेथ वारंट पर आज हस्ताक्षर हो गए
5 साल पहले भी प्रधानमंत्री मोदी ने इन राजनीतिक मसखरों का राजनीतिक डेथ वारंट नोटबंदी नाम से जारी किया था। वह राजनीतिक डेथ वारंट भी उत्तरप्रदेश समेत 4 राज्यों के चुनाव के ठीक 5 माह पूर्व ही 8…
नफरत की पहचान मुनव्वर फारुकी ने वामपंथियों का दिल क्यों जीत लिया ?
बेंगलुरु में आयोजित होने वाली एक कॉमेडी शो रद्द होने के पश्चात् मुनव्वर का कहना है "नफरत जीत गई और एक कलाकार हार गया"। जो फारुकी स्वयं नफरत की एक पहचान है उसके मुंह से नफरत के खिलाफ ऐसे मधुर…
334 में से 329 सीटें भाजपा को जिता कर त्रिपुरा की जनता ने सेक्युलरिज़्म का हुक्का…
त्रिपुरा के नगर निकाय के चुनाव में कुल 334 में से 329 सीटें भाजपा को जिता कर त्रिपुरा की जनता ने सेक्युलरिज़्म का हुक्का गुड़गुड़ाने वाले राजनीतिक ठगों पर अपने जनादेश के जूतों की मूसलाधार बरसात…
यौन वार्ता- सेक्स वीक-टेंडर एज प्रोहिबिटेड पोस्ट क्यों है?
सेक्स वीक' का कूप्रभाव इतना है कि लाइफस्टाइल के नाम पर छोटे-छोटे बच्चों में विकृति जगाने का कुचक्र शुरू हो चुका है।
पहचानिए मुंबई हमले के आस्तीन के सांपों को
अच्युतानंदन वही वामपंथी मुख्यमंत्री था जो मुंबई हमले के कुछ दिन बाद, मुंबई हमले में शहीद हुए युवा कमांडो संदीप उन्नीकृष्णन के घर गया था और उनके पिता और परिवार को यह कह कर अपमानित कर के लौटा…
कश्मीर में मेहरान यासीन के एनकाउन्टर पर महबूबा का विधवा विलाप क्यों?
मेहरान यासीन वही जिहादी सैनिक था जिसने श्रीनगर के एक स्कूल में घुसकर शिक्षक व महिला सिक्ख प्रिंसिपल की हत्या कर दी थी। मेहरान यासीन लश्कर के टीआरएफ ग्रुप का जिहादी था।
भारतीय राजनीति में ज्योतिष दुधारू गाय क्यों है ?
एक से एक प्रचंड सेक्यूलर ज्योतिष के चरणों में साष्टांग दंडवत रहते हैं ।समाजवादी पार्टी के मुलायम सिंह यादव तो प्रधान मंत्री बनने के लिए कामख्या तक बलि आदि के अनुष्ठान नियमित करवाते रहे हैं।…
अपने टोटी चोर के साथ मुस्कुराहट में गलगल कुमार विश्वास
Positive India:Dayanand Pandey:
बताइए कि यही कुमार विश्वास कभी टोटी चोर बताते थे , मुलायम के टीपू को। तबीयत भर तंज कसते थे। अब यह इन्हीं टोटी चोर के साथ मुस्कुराहट में गलगल हैं। राज्यसभा…
जश्न वालों ये भीड़तंत्र की जीत है और लोकतंत्र की हार
दशकों से मांग वाली कृषि कानून संसद से पास हुआ था। आज भीड़ तंत्र के सामने टूट गया। टूटा कानून नहीं, टूटा है लोकतंत्र। टूटते हुए लोकतंत्र का घिनौना जश्न हुआ आज। मिठाइयों की शक्ल में लोकतंत्र…