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Editorial

काशी विश्वनाथ की भव्यता देख नौशाद क्यों रो पड़ा?

हमारा धर्म स्थल तोड़कर उस पर गुंबद लगाकर तहजीब का स्टीकर कोई आतताई औरंगजेब आकर चिपका दे, तब वह बहुत खुश रहता है। लेकिन उस गुंबद को हम छुए भी ना और अलग से ही अपने सांस्कृतिक विरासत को भव्य…

अगर हिंदुओं की सत्तर साल की उदारता को आपने कमजोरी न समझा होता तो हिंदू पुनर्जागरण का…

काशी विश्वनाथ मंदिर की भव्यता के सामने ज्ञानवापी मस्जिद की रौनक कम हो जाने के कारण नौशाद आलम बुक्का फाड़ कर क्यों रो रहे हैं ?

मुगलों की बहादुरी का वो काला सच जिसकी खेती वामपंथी इतिहासकार करते आ रहे हैं

मुगलों की तथाकथित "बहादुरी की अफीम" की खेती कांग्रेसी जमीन पर वामपंथी इतिहासकारों ने जमकर की। पाकिस्तान उस अफीम को आजतक चाट भी रहा है, बेच भी रहा है। भारत में भी कट्टर धर्मांध मूर्खों की…

बनारस के हुस्न को ग़ालिब की नज़र से क्यों देखें?

ग़ालिब कहते हैं, बनारस शंख-नवाज़ों का मंदिर है, हम हिन्दुस्तानियों का का’बा है इबादत-ख़ाना-ए-नाक़ूसियानस्त, हमाना काबा ए हिन्दूस्तानस्त।

अमर्त्य सेन पूरे देश के सामने क्यों नंगे हो गए ?

अमर्त्य सेन तुम दरअसल अर्थशास्त्री की नकाब में मंडरा रहे वह गद्दार हो जिसे 370 हटाने की कार्रवाई आपत्तिजनक लगती है। यासीन मलिक, गिलानी की गिरफ्तारी तुम्हे अच्छी नहीं लगती। तुम देश के वो…

क्या है मिस यूनिवर्स अर्थात ब्रह्मांड सुंदरी का संपूर्ण विश्लेषण ?

मिस यूनिवर्स का फाउंडेशन किया गया कैलिफोर्निया के कपड़ा कंपनी पेसिफिक मिल्स के द्वारा। पेसिफिक मिल्स अंडरवियर बनाने वाली 1960 की स्थापित कंपनी बैंट्ज नीटिंग थी। 1956 में संगठन मिस यूनिवर्स…

हिंदुत्व को मजबूत करना केवल हिंदु के भले का विचार क्यो नही?

जिस तरह पुरुषत्व के बगैर पुरुष नपुंसक माना जाता है, उसी तरहा हिंदुत्व के विचारों से विहीन हिंदु भी परिवार के लिए टोंटी तो चुरा सकता है लेकिन देश या समाज के लिए हितकारी नहीं हो सकता ।

हिन्दू और हिंदुत्व से पहले कांग्रेस ने देश और राष्ट्र का खेल क्यों खेला था?

हिंदू और हिंदुत्व के बीच खाई को बढ़ाकर राजनीति करने का वक्त आ चला है। तमाम वामपंथी, उदारवादी, कांग्रेसी अब इस हिंदुत्व के विरोध में अपना कौन-कौन सा एजेंडा किस प्रकार से विमर्श में उतारेंगे…

शक्कर और शौर्य का संगम थे बिपिन रावत

उमा भारती बिपिन रावत का बखान करते हुए आज कह रही थीं कि शक्कर की बोरी लो और उस में शौर्य मिला दो तो वही थे बिपिन रावत। इतना मीठा और शौर्य भी भरपूर।

भारत को अगर अस्मिता का युद्ध जीतना है तो इस्राइल जैसा क्यों बनना पड़ेगा?

भाजपा ने कभी मुफ़्ती का साथ लेकर ३७० हटाने जमीन तैयार करके हटा दिया और उसके बाद से लेकर आज तक कश्मीर के सारे आतंकियो को ठोक कर वहां के हिंदुओं की रक्षा कर रही है....तो क्या गलत कर रही है..?