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Editorial
अखिलेश ने कैराना से हिंदुओं को भगाने वाले नाहिद हसन को टिकट क्यों दिया ?
अखिलेश यादव ने साबित कर दिया है कि हिंदुओं का सबसे बड़ा वो विरोधी है,जिसकी पोल इस चुनाव मे खुलती जा रही है।
अयोध्या से चुनाव क्यों नहीं लड़े योगी आदित्यनाथ ?
अखिलेश यादव का एक संदेश घूम रहा है , सोशल मीडिया पर कि सत्ता में आते ही वह अयोध्या को फिर से फैज़ाबाद कर देंगे। यह उन का अधिकार है। पर सत्ता में आएं तो।
अखिलेश को नहीं मालूम कि भाजपा ने मंडल और कमंडल की दूरी को ख़त्म कर दोनों को एक कर दिया…
अखिलेश यादव के भ्रष्टाचार ने भी कोढ़ में खाज का काम किया। जिस की परिणति टोटी और टाइल उखाड़ने में सामने आई। और अब इत्र के दुर्गंध में बदबू मारता हुआ यह भ्रष्टाचार हमारे सामने है। तिस पर सोने…
कमाल ख़ान ने मक्का में हज पर जा कर भी कभी नमाज नहीं पढ़ी थी
कमाल ने अपने माता-पिता का ही नहीं , एन डी टी वी में रहते हुए भी ख़बरों की दुनिया का नाम भी बहुत रोशन किया है। कमाल ख़ान असल में न्यूज़ चैनलों में न्यूज़ परोसने की एक कला का नाम हैं अब। ख़बरों को…
स्वामी विवेकानंद की जयंती पर प्रधानमंत्री मोदी ने पुदुचेरी में 25वें राष्ट्रीय युवा…
भारत का जन भी युवा है, और भारत का मन भी युवा है; भारत अपने सामर्थ्य से भी युवा है, भारत अपने सपनों से भी युवा है; भारत अपने चिंतन से भी युवा है, भारत अपनी चेतना से भी युवा है।
उल्लू को कबूतर कैसे कह दूं ?
स्वामी प्रसाद मौर्य को राजनीतिक मौसम विज्ञानी कह कर उत्तरप्रदेश में सपा की सरकार बनने का ढपोरशंख बजाने में जुट गए न्यूजचैनलों के ढपोरशंखी एंकर एडिटर रिपोर्टरों को क्या कहा जाए.?
क्या अब आएगा ऊंट पहाड़ के नीचे ?
मोदी को विक्रमादित्य बनाकर वेताल की तरह उनकी पीठ पर लदकर अभीतक चुनावी महाभारत जीतती रही भाजपाई सफेद हाथियों की फौज की बहुत कड़ी परीक्षा इसबार का चुनाव लेने जा रहा है।
लेकिन मोदी की जगह राहुल गांधी को हरगिज नहीं चुन सकते
कोरोना और दुनिया की हालत देखते हुए भारत की अर्थव्यवस्था इतनी बुरी भी नहीं है। 80 करोड़ लोगों को दो साल से मुफ्त राशन आदि के मद्देनज़र अर्थव्यवस्था ठीक है। फिर एक फाइनल बात यह कि मोदी ने…
प्रधानमंत्री मोदी ने साहिबजादा जोरावर सिंह जी और साहिबजादा फतेह सिंह जी की शहादत की…
'वीर बाल दिवस' उस दिन मनाया जायेगा, जिस दिन साहिबजादा जोरावर सिंह जी और साहिबजादा फतेह सिंह जी एक दीवार में जिंदा चुनवाये जाने के कारण शहीद हुए थे। इन दोनों महान बालकों ने धर्म के नेक…
मेरे देश ने अपना नायक चुनना कैसे सीख लिया ?
एफएनएफ एसॉल्ट राइफल उस कमांडो की पहचान है। जिसके ऊपर रखी हाथों की तर्जनी सिर्फ राइफल के ट्रिगर से 1 इंच दूर, जो उसके कार्य के प्रति उसकी प्रतिबद्धता बताता है। उसकी नजरों में हमारे युवाओं को…