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Editorial
#हिजाब तो एक बहाना है..असल मकसद तो देश में शरिया लाना है
#हिजाब वाला बवाल जानबूझकर फैलाया जा रहा है...यह भी #टूलकिट का एक हिस्सा और इसके पीछे हरे टिड्डों और उनके संरक्षकों द्वारा ताकत नापने का वो प्रयोग है,जिसके बहाने न केवल शरिया लाने की दिशा मे…
हिजाब की किताब फाड़ने के लिए मुस्लिम समाज को फिर एक शाहबानो क्यों चाहिए ?
यह शाहबानो ही थी जिस ने कांग्रेस की जड़ों में चाणक्य की तरह ऐसा मट्ठा डाला कि तब 1986 में 400 सांसदों वाली कांग्रेस अब आहिस्ता-आहिस्ता घट कर 44 पर आ गई है।
क्या वाकई में तिरंगा उतार कर भगवा लहराया गया ?
अगर आप हमें पर्सनल लॉ से डराएंगे तो हम अपना केसरिया भी बुलंद करना जानते हैं। भारत ना अब मध्यकालीन भारत है, ना ही कांग्रेसकालीन भारत है।
नेहरू कभी भी किसी के सामने नहीं रोते तो क्या कोई और नहीं रो सकता ?
क्या एक राजनीतिज्ञ को रोने का अधिकार नहीं होता? भावुक होने का अधिकार नहीं होता? हां , साज़िश के सौदागरों को आंसू का मोल नहीं मालूम होता।
मुस्कान पांच लाख रुपये आपकी बहादुरी का पुरस्कार नहीं बल्कि आपके शिकार होने की कीमत…
क्या सच में मुस्कान बहादुर है? क्या मुस्कान को इस्लामिक पैट्रियार्की के लिए यूज नहीं किया जा रहा? क्या मुस्कान को मजहबी राजनीति के लिए शिकार नहीं बनाया जा रहा?
नेशन नहीं यूनियन आफ स्टेट का एक्सटेंशन और शाहीनबाग़ की वापसी क्यों है यह हिजाब की…
मुट्ठी भर वोट के लिए , शाहीनबाग़ की नई दुकान के लिए , कठमुल्लों ने हिजाब के पक्ष में जंग छेड़ दी है।
और श्वान प्रवृत्ति के सेक्यूलर चैंपियंस ने इन कठमुल्लों का मन बढ़ाने के लिए इन की…
प्रधानमंत्री मोदी ने राहुल गांधी के सारे भाषण को कैसे मिट्टी में मिला दिया?
पूछ लिया मोदी ने कि नेशन से अगर इतनी ही आपत्ति है तो पार्टी का इंडियन नेशनल कांग्रेस क्यों रखा है। बदल दीजिए पार्टी का नाम?
लता मंगेशकर से घृणा और नफ़रत करने वाले कौन है ये लोग ?
ये बहुत बीमार लोग हैं। वैचारिकी के कोढ़ में कुढ़ते हुए सड़ गए हैं। वैचारिकी के खूंटे में बंधे तेली के बैल हैं। भेड़ चाल के अभ्यस्त लोग हैं। इन को डर है कि अगर लता मंगेशकर के प्रति अपनी घृणा नहीं…
लता जी केवल एक कलाकार मात्र नहीं थी बल्कि स्वतंत्र भारत मे महिला सशक्तिकरण की…
लता जी को केवल 2 चीजों से प्यार था, एक संगीत और दूसरा राष्ट्र। वो हमेशा कहती थीं कि भारत के झंडे को मैं सबसे ऊंचा देखना चाहती हूं।
शाहरुख खान ने लता मंगेशकर की श्रद्धांजलि सभा में क्यों थूका ?
शाहरुख खान अब हम पूछने लगे हैं कि हमारी श्रद्धांजलि सभा में तुमने थूका क्यों? अगर दुआ ही फूंका तो पहले ये बताओ, क्या तुम्हारे हिसाब से कोई काफिर जन्नत जा सकता है?