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Editorial
यूक्रेन में बच्चों की सुरक्षा को ले कर विघ्न संतोषियों की आत्मा अचानक फिर क्यों जाग…
वैचारिक कोढ़ियों को सर्वदा एक छेद खोज कर भारत को गरियाने की लत लग गई है। भारत को अपमानित करना इन की बीमारी है। इस एक बीमारी का इलाज भी बहुत ज़रुरी है।
क्या लेफ्ट लॉबी ने स्वीकार लिया है कि भारत विश्व पटल पर उभर कर आया है ?
यूक्रेनियन राजदूत डॉ इगोर पोलिखा ने कहा कि भारत ग्लोबल पावरफुल प्लेयर है और मोदी जी इज वन ऑफ द मोस्ट पावरफुल रिस्पेक्टेड लीडर ऑफ द वर्ल्ड। पोलिखा के इस बयान को कोई डिजाइनर मीडिया लिखने…
कामरेड , रुस के उक्रेन युद्ध पर भी लब क्यों नहीं खोल रहे ?
कहां गुम है वह दिल्ली यूनिवर्सिटी वाली लड़की , जिसे युद्ध पसंद नहीं था।
अहमदाबाद ब्लास्ट केस में 49 शांति दूतों को फांसी अथवा उम्र कैद की सजा का विश्लेषण
लेकिन आज 49 शांति दूतों को फांसी अथवा उम्र कैद की सजा मुकर्रर हुई है। असहिष्णुता का रोना रोने वालों ने क्या कभी इन 49 शांतिदूतों के पीछे की मानसिकता पर रिपोर्ट दिखाने की हिम्मत जुटाई? गुजरात…
साइकिल बम की सिसकी और न रहे सांप , न बजे बांसुरी की धुन में दंगेश की त्रासदी लिए…
कैराना पलायन के अपराधियों और मुज़फ़्फ़र नगर के दंगाइयों पर अखिलेश के उपकार आज भी जारी हैं। योगी ने अखिलेश यादव की इसी फितरत को देखते हुए अखिलेश को दंगेश नाम दे दिया है। दंगा , गुंडई , आतंकवाद ,…
न सांप मरा है न लाठी टूटी है पर तीसरे विश्व युद्ध की बला फिलहाल टल गई !
अमरीकी राष्ट्रपति जो बाइडेन रुस पर राजनाथ सिंह बन गए। अपने संदेश में यूक्रेन प्रसंग पर चिंता जताते हुए रुस की कड़ी निंदा कर कुछ प्रतिबंध लगा कर , कुछ और कदम उठाने की बात कर दी। कल कुछ और…
अच्छा अगर भारत के पास आज की तारीख़ में राफेल न होता तब ?
Positive India:Dayanand pandey:
अच्छा अगर भारत के पास आज की तारीख़ में राफेल न होता तब ? क्या चीन इसी तरह खुद अपने बंकर तोड़ कर अपने टैंक और सेनाएं वापस ले जाता ? बल्कि पहला सवाल यह कि…
अगर वैधानिक आतंकी खोजना हो तो हमें स्वीट टेररिस्ट को क्यों देख लेना चाहिए ?
मस्जिद इमाम और मुअज्जिनों को ₹22000 मासिक मानदेय दिए जाने लगे तथा राम मंदिर की बात आने पर नानी की कही हुई बातें याद आने लगी। अमानतुल्लाह खान जैसे आतंकवादियों के लिए आप शरणगाह बन गया।
अभी लेकिन इन पंडिताई करने वालों को गरियाने का मौसम क्यों है ?
एक पंडित ही है जिसे हर कोई गरियाता मिलता है। उस की फीस देने में सारे करम हो जाते हैं। एक दिन की मज़दूरी देना भी भारी लगता है। अगर इतना ही बोझ है यह पंडित तो फेंकिए इसे भाड़ में अपने घरेलू…
जंगलराज के पर्याय एम वाई फैक्टर को चकनाचूर करना क्यों बहुत ज़रुरी हो गया है ?
मुलायम ने भी उत्तर प्रदेश में सब से ज़्यादा हिंदू-मुसलमान दंगे करवाए। अखिलेश यादव ने भी। लोकतंत्र के नाम पर कलंक हैं यह दोनों पार्टियां। राजद हो या सपा। सेक्यूलर होने की चाशनी में अपराधियों…