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Editorial

नाम बदलने की राजनीति के मायने क्या है?

संभवत वोट के राजनीतिक गणित के चलते अचानक छत्तीसगढ़ शासन-प्रशासन के द्वारा कोंडागांव को एक नया नाम "कोंडानार" दिया जा रहा है। बाकायदा इसके भव्य बोर्ड लगाए गए हैं।

नेपाल के प्रधानमंत्री के साथ संयुक्त प्रेस बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का…

Positive India:New Delhi: Your Excellency, Prime Minister शेर बहादुर देउबा जी, Distinguished delegates, मीडिया के साथी, नमस्कार! प्रधानमंत्री देउबा जी का भारत में स्वागत करते…

होइहै वही जो राम रचि राखा…!!!

Positive India:Satish Chandra Mishra: होइहै वही जो राम रचि राखा...!!! आम जनता और लुटियन दिल्ली की खैराती मीडिया को चौंकाने वाले, लेकिन मेरे लिए दो अपवादों को छोड़कर पूरी तरह प्रत्याशित…

क्या मुस्लिम वोट बटोरने की प्रतियोगिता का नतीज़ा है कश्मीर समस्या ?

यासीन मलिक वैसे भी पाकिस्तान का दामाद है। भारी संख्या में कश्मीरी पंडितों का हत्यारा है यह । कश्मीर से कश्मीरी पंडितों को भगाने का अगुआ था यह । जाने कितने कश्मीरी पंडितों का हत्यारा है यह।…

समझिये भाजपा के एजेंडे में क्यों था अनुच्छेद 370 हटाना ?

अनुच्छेद 370 पर सोचना भी दुष्कर था। लेकिन राज्यसभा में कंफर्टेबल बहुमत ना होते हुए भी भाजपा ने अनुच्छेद 370 की दोनों धाराएं हटा दी। देश अचंभा हो गया।

10 मार्च के बाद अपनी तुलना चवन्नी से भी करने लायक़ नहीं रह जाएंगे जयंत चौधरी !

27 जनवरी , 2022 को दयानंद पांडेय ने यह लेख लिखा था। अब देखिए कि जयंत चौधरी की दुर्गति चवन्नी से भी कैसे गई गुज़री हो गई है ?

एम्स में काम कर रहा कश्मीरी डॉक्टर क्यों नहीं चाहता था कि कश्मीर आतंकवाद से मुक्त हो?

एम्स में डॉक्टर है। देश की राजधानी में इंटर्नशिप कर रहा है। देश की माटी का खाया, पिया, पढ़ा और सुरक्षा का लाभ लिया है और विचार कश्मीर को भारत से काटने का है?

लोकतंत्र के आख़िरी चुनाव से नैतिक जीत के इल्हाम तक

सेक्यूलरिज्म के नाम पर , मुस्लिम के नाम पर दाग़ है डाक्टर कफील। बच्चों का हत्यारा है वह। पिता की विरासत सपा को नेस्तनाबूद करने का अगर प्रण ही ले बैठे हों तो और बात है।

कश्मीर मे पिता की अस्थियां विसर्जित करने के लिए भी इस्लामिक चरमपंथियों से इजाजत क्यों…

उस कश्मीर मे जहां पिता की अस्थियां विसर्जित करने के लिए भी इजाजत लेनी पड़ती थी..वहां की सच्चाई सामने लाने पर भारत विरोधी एजेंडा गिरोह के लोग कह रहे हैं कि इस फिल्म की जरुरत ही क्या है ??