


पॉजिटिव इंडिया:छ.ग. राज्य बाल श्रमिक कर्मचारी संघ संविलियन के लिये ईदगाह मैदान में धरना प्रदर्शन में बैठे हुए है। दिनांक 16 जून 2018 से इनकी मांग को लेके आज 26 दिन हो गयें है। बाल श्रमिक टीचर श्रीमती उमा कहार का कहना है कि छत्तीसगढ़ में 1300 करीबन कर्मचारी है जो सारे के सारे आज बेरोजगार है । 2015 में इनके लिये आदेश निकाला गया था ।
आज बाल श्रमिक कर्मचारीयों ने अपनी मांग को लेकर धरना प्रदर्शन में अपने सिर का मुंडन करा लिया। बाल स्त्रियों का श्रृंगार होती है । भारतीय संस्कृति में महिलाओं का मुंडन होना बहुत ही अशुभ माना जाता है । इनके मुताबिक सरकार ने इनको वादा किया था और आज इनके साथ वादाखिलाफी हो रही है। क्या मुख्यमन्त्री डॉक्टर रमन सिंह इनकी मांगो पर ध्यान देते हुए उचित कार्यवाही करेंगे?