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यूजीसी ने मुक्त दूरस्थ शिक्षा और ऑनलाइन कार्यक्रम संबंधी नियमन में संशोधन का प्रस्ताव किया

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पॉजिटिव इंडिया: दिल्ली;
शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने सोमवार को लोकसभा को बताया कि विशेषज्ञ समिति की सिफारिशों के आधार पर विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने मुक्त दूरस्थ शिक्षा (ओडीएल) और ऑनलाइन कार्यक्रम संबंधी नियमन में संशोधन का प्रस्ताव किया है।
लोकसभा में विजय वसंत एवं रवनीत सिंह के प्रश्न के लिखित उत्तर में शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने यह बात कही।
शिक्षा मंत्री प्रधान ने कहा कि विशेषज्ञ समिति की सिफारिशों के आधार पर विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने मुक्त दूरस्थ शिक्षा (ओडीएल) और ऑनलाइन कार्यक्रम विनियमों में संशोधन का प्रस्ताव किया है।
उन्होंने कहा कि प्रस्तावित संशोधनों के अनुसार, राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं संबद्धता परिषद (नैक) के 4 अंकों के पैमाने पर न्यूनतम 3.26 के स्कोर वाले या तीन पूर्ववर्ती चक्रों में कम से कम दो बार राष्ट्रीय संस्थान रैंकिंग ढांचा (एनआईआरएफ) के तहत शीर्ष 100 रैंक वाले स्वायत्त कालेजों को आयोग के पूर्व अनुमोदन के बिना ऑनलाइन प्रारूप में कार्यक्रमों को पेश करने की अनुमति दी जा सकती है।मंत्री ने बताया कि उच्च शिक्षण संस्थान (एचईआई) तकनीकी रखरखाव, पठन पाठन संबंधी प्लेटफार्म, विज्ञापन और विपणन आदि के उद्देश्य से शैक्षणिक प्रौद्योगिकी फर्मों की सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं।
उन्होंने कहा कि शैक्षिक प्रौद्योगिकी फर्मों की सहायता से या इसके बिना ऑनलाइन कार्यक्रम को पेश करने की पूरी जिम्मेदारी हालांकि एचईआई की होगी। ऐसे कार्यक्रमों के संबंध में कोई भी विज्ञापन या विपणन गतिविधि सिर्फ और स्पष्ट रूप से उच्चतर शिक्षण संस्थान के नाम पर होगी।
प्रधान ने बताया कि विभिन्न पक्षकारों से सुझाव प्राप्त करने के लिये प्रस्तावित संशोधन को यूजीसी की वेबसाइट पर अपलोड किया गया है। साभार पीटीआई

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