

Positive India: Dayanand Pandey:
यह अच्छा ही है कि नेतन्याहू और ट्रंप नरेंद्र मोदी की तरह सब का साथ , सब का विकास और सब का विश्वास जैसे ढकोसले में नहीं पड़ते । अर्जुन की तरह सीधे मछली की आंख देख रहे हैं । उन की नज़र में ही नहीं , उन की कार्रवाई में भी आतंकी , आतंकी दिख रहा है । ईरान जिस तरह तमाम इस्लामिक आतंकी संगठन खड़े कर दुनिया में आतंक का तराना गाता रहता है , उसे करेक्ट करना बहुत ज़रूरी है । बहुत ज़रूरी ।
नेतन्याहू ने खोमैनी को आगाह किया है कि सद्दाम हुसैन जैसी दुर्गति हो सकती है । ख़बर यह भी है कि खोमैनी , ट्रंप की हत्या की फ़िराक़ में था । ट्रंप और अमरीका दोनों ही गुंडई में मास्टर हैं । नेतन्याहू जुनून से लबालब । इस्लामिक ब्रदरहुड के नाम पर आतंक का सफाया बहुत ज़रूरी है । इस दुनिया से विदा होना ही चाहिए आतंक का हर कोना । हर हाल होना चाहिए ।
मनुष्यता और शांति के लिए यह बहुत ज़रूरी है । तेल के कुएं, मनुष्य का ख़ून बहाने का लाइसेंस नहीं है , यह बात हर किसी को जान लेने में ही भलाई है ।
अलग बात है इस पूरे परिदृश्य में भारत की स्थिति त्रिशंकु जैसी है । भारत , चीन , टर्की और पाकिस्तान को छोड़ कर हर किसी के साथ है । रूस के साथ भी , अमरीका के साथ भी । ईरान के साथ भी , इजराइल के साथ भी ।
लिख कर रख लीजिए कि तमाम इफ बट के बावजूद तीसरा विश्व युद्ध नहीं होना है , न परमाणु युद्ध । लेकिन इस्लामिक आतंकवाद इतना ख़तरनाक है कि अगर उस के पास परमाणु बम हो तो जाने क्या कर दे ।
पाकिस्तान के परमाणु बम की कुंजी , अमरीका के हाथ है इस लिए उस के हाथ बंधे हुए हैं । ईरान , परमाणु बम बनाए , अमरीका इसी लिए नहीं चाहता । उस की दादागिरी को घाव भी लगता है । इजराइल इस मुहिम में अमरीका का सहचर है । रूस और चीन, अमरीका के ख़िलाफ़ होते हुए भी , प्रेक्षक । भारत त्रिशंकु ! इधर का होते हुए भी उधर का दिखाई देता है । उधर का होता हुए भी इधर का दिखाई देता है ।
सरकार अगर मोदी की नहीं , किसी और की होती तब भी शायद यही मंजर होता । आप्रेशन सिंदूर प्रसंग में कांग्रेस तो तुर्कीए का नाम लेने में भी कांप जाती है । नहीं लेती । मुस्लिम वोट बैंक का भय है कांग्रेस को । भारत से ही आज काले कपड़े पहने एक समूह का वीडियो आया है । जिस में नारा लग रहा है : ईरान से आवाज़ आई , शिया-सुन्नी भाई-भाई ! इस लिए मोदी सरकार मुसलमानों के दंगे और हिंसा से डरती है । बुरी तरह भयभीत !
और दुनिया ?
इस्लामिक आतंकवाद से तो समूची दुनिया डरती है । चीन और रूस भी । कई मुस्लिम देश भी ।
साभार: दयानंद पांडेय-(ये लेखक के अपने विचार हैं)