जिन हाथों से होती थी कचरे की बिनाई, अब उसी से होने लगी है कपड़ों की सिलाई
पॉजिटिव इंडिया:रायपुर, 23 नवम्बर 2020.
एक बच्चे की माँ गौरी सोनी की सुबह हमेशा कूड़े-कचरे के बीच होती थी। जब शाम का सूरज ढलने लगता था, तब वह कूड़े-कचरे की ढेर से निकलकर घर को लौटती थी।…