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रावण की स्त्रियों के बारे क्या सोच थी वह रावण की ही थी तुलसी की नहीं

नारियाँ स्वतंत्र होकर बिगड़ जाती हैं । यद्यपि यह बात तुलसीदास ने चार सौ वर्ष पहले कही थी जब युग ही दूसरा था लेकिन आज भी जिस तरह स्त्रियाँ कभी सूटकेस में कभी तंदूर में कभी प्लास्टिक बैग में…

क्या है आचार्य धीरेंद्र शास्त्री का सच ?

धीरेंद्र शास्त्री जी को लेकर दिव्य दरबार के प्रदर्शन के बारे में मनोविज्ञान की बात करना निश्चित तौर पर बेवकूफाना है। चमत्कारिक शक्तियां है अथवा नहीं ऐसा निश्चित निर्णय से कहा जाए, एक साधारण…

तुलसीदास ने साबित कर दिया कि कलम की ताक़त तलवार सें कहीं अधिक होती है

उस युग में जब प्रचार प्रसार के साधन नहीं थे तब तुलसी की मानस घर घर पहुँच गई । इसकी चौपाइयाँ दोहे छंद मंत्र बन कर दैनिक पूजा का अंग हो गए। तलवार की धार तले रौंदा जाता सनातन धर्म फिर सीना तान…

2024 के बड़े कैनवास पर पलटूराम का दोगला रंग क्यो जरूरी है?

सच्चाई की आवाज उठाने पर छात्रों,गरीबो और पिछड़ों पर लाठियां बरस रही हैं....उनको छिपाने के लिये ऐसी टिप्पणियां जानबूझ कर की जा रही है...जिनका उद्देश्य केवल बिहार मे पैर फैलाते जंगलराज से जनता…

बॉलीवुड का कुत्ता भी सरवाइव क्यो नहीं कर पा रहा आज?

आज बॉलीवुड का तो कुत्ता भी सरवाइव नहीं कर पा रहा। अर्जुन कपूर की एक फिल्म आई, कुत्ते। जिसके पहले दिन की ही कमाई दूर दूर तक एक करोड़ को भी छू नहीं सकी। अर्जुन कपूर एनडीटीवी पर बैठकर दर्शक से…

रावण की स्त्रियों के बारे क्या सोच थी वह रावण की ही थी तुलसी की नहीं

महाभारत में कितनी बार नारी के लिए अपमान जनक शब्दों का प्रयोग हुआ है पर कोई इसके लिए महाभारत के रचयिता वेदव्यास को दोषी नहीं ठहराता । मर्चेंट ऑफ़ वेनिस के यहूदी पात्र शाइलॉक का इतना चरित्र…

तुलसी अकेले ब्राह्मणों के कवि हैं? कि रामचरित मानस नफरत फैलाने वाला ग्रंथ है?

संस्कृत भाषा का इतना बड़ा ज्ञानी क्यों कर अवधी में राम कथा लिख रहा था? इस सबका जवाब कौन देगा?क्या वे कुपढ़ अपढ़ लोग जो चौबीसों घंटे सिर्फ जातियों की ही राजनीति करते हैं और शासन पूरे समाज पर…