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पिता को कैद करने वाला, चार-चार भाइयों का कातिल, हजारों मंदिरों को तुड़वाने वाला,फिर…

पढ़ो हमारे चाटुकार और दरबारी इतिहासकारों की लिखी किताबें। हमारी जय - जयकार करो ! भाईचारा निभाओ। गंगा जमनी तहज़ीब का डंका बजाओ ! नहीं टोपी की तरह तुम्हें भी बुन देंगे ! ख़बरदार जो मुझे क्रूर ,…

वे बच्चियों के शरीर नोंचते हैं, जब चाहे तब भोग के लिए बुलाते हैं।

वे उन बच्चियों को वस्तु की तरह परस्पर बांटते हैं। गिफ्ट की तरह पास करते हैं। वे बच्चियों से पैसे मंगवाते हैं। चोरी करने को प्रोत्साहित करते हैं। उनके जैसी और बच्चियों तथा सहेलियों को…

कामरेड समरेश बसु और फ़िल्मकार विमल रॉय का अमृत कुंभ !

अरे कुंभ नहीं पसंद है , कोई बात नहीं । गोली मारिए , कुंभ को । पर नाग बन कर , फ़न काढ़ कर , नित्य प्रति , क्षण -क्षण खड़े रहना इतना ज़रूरी है ?

छावा: चालीस दिनों तक तड़पाने के बाद शम्भू जी और कवि कलस के शरीर को टुकड़ों में काटा…

सिकन्दर से अब्दाली तक हर बार क्रूरता की नई परिभाषाएं देखी लोगों ने, छील दिए गए चमड़े के ऊपर नमक का लेप स्वीकार किया, रस्सियों में बंध कर पशुवत जीवन स्वीकार किया, पर स्वाभिमान त्यागना स्वीकार…