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लोकतंत्र के आख़िरी चुनाव से नैतिक जीत के इल्हाम तक

सेक्यूलरिज्म के नाम पर , मुस्लिम के नाम पर दाग़ है डाक्टर कफील। बच्चों का हत्यारा है वह। पिता की विरासत सपा को नेस्तनाबूद करने का अगर प्रण ही ले बैठे हों तो और बात है।

कश्मीर मे पिता की अस्थियां विसर्जित करने के लिए भी इस्लामिक चरमपंथियों से इजाजत क्यों…

उस कश्मीर मे जहां पिता की अस्थियां विसर्जित करने के लिए भी इजाजत लेनी पड़ती थी..वहां की सच्चाई सामने लाने पर भारत विरोधी एजेंडा गिरोह के लोग कह रहे हैं कि इस फिल्म की जरुरत ही क्या है ??

कैसे कुछ लोग अपने को अपने बाप का बताने को ले कर होड़ में लग गए हैं?

कश्मीर फाइल्स फ़िल्म के बहाने कैसे कुछ लोग अपने को अपने बाप का बताने को ले कर होड़ में लग गए हैं। क्यों कि उन्हें समझा दिया गया है कि जो भी कोई ग़लती से भी कश्मीर फ़ाइल्स का हामीदार या प्रशंसक…

फाइलें खुलने से भाजपा एक्सपोज होगी। तुम्हें क्यों डर है? तुम क्यों परेशान हो?

नरेंद्र मोदी कश्मीर की फाइलें खोलने वालों के साथ खड़े हैं। और कितनी इमानदारी चाहिए? जो अपने ही खिलाफ अपनी फाइलें खुलवा रहा। हां, अच्छा होगा तुम भी साथ हो जाओ।

आप भ्रष्टाचार करें बलात्कार करें और भारत मां को डायन तक कहे पर आपसे कोई कोई सवाल ना…

अभी गायत्री प्रजापति , आज़म खान जेल में हैं। लालू यादव की तरह कब तुम भी जेल पहुंच जाओगे , पता ही नहीं चलेगा। सवाल तब और ज़्यादा पूछे जाएंगे। खरीदी हुई मीडिया और मीडिया मालिक तब काम न आएंगे।…

कांग्रेस को अपने आई टी सेल में कुछ काम के लोग क्यों रखने चाहिए ?

चुनाव और राजनीति बच्चों का खेल नहीं , समझदारों और कमीनों का खेल है । कौन कितना अच्छा लड़ता है , इस से किसी को कोई सरोकार नहीं। सरोकार इस बात से होता है कि कौन विजयी होता है ।

साध्वी एवं साधु दी कश्मीर फाइल क्यों जा रहे हैं देखने?

साध्वी ऋतंभरा ने दी कश्मीर फाइल देखने के बाद लोगों से आह्वान किया है कि इस फिल्म को निश्चित तौर पर देखें। स्त्री के सम्मान, सुरक्षा और भारत की सुरक्षा के लिए, नैरेटिव को तोड़ने के लिए, भारत…

कहां गया ईवीएम आंदोलन? कहां गया टूटता लोकतंत्र?

क्या बोलते हो, क्या चाहते हो, कैसी राजनीति करते हो सारा संदेश पल भर में देशभर को पहुंच जाता है। सारे नैरेटिव टूटकर ध्वस्त हो जाते हैं। सारा एजेंडा बेआबरू हो जाता है।

अगर योगी भी ताश की गड्डी में समा गए होते तो क्या मंज़र होता उत्तर प्रदेश में ?

कुछ समय पहले भाजपा गुजरात , उत्तराखंड समेत अपने सभी मुख्य मंत्रियों को ताश की गड्डी की तरह फेंट रही थी। उस समय अगर योगी आदित्यनाथ भी सरेंडर कर ताश की गड्डी में शामिल हो गए होते तो उत्तर…