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Positiv India News

यंग आर्म्स फॉउंडेशन के सदस्यों ने 26 जनवरी को फहराया तिरंगा

Positive India:Raipur: यंग आर्म्स फॉउंडेशन के सदस्यों द्वारा 26 जनवरी को तिरंगा फहरा कर गणतंत्र दिवस को मनाया गया । जैसा कि आप सभी जानते है कि 26 जनवरी 1950 को हमारे भारत देश का संविधान…

“नैतिकता की खोज” का विमोचन 29 जनवरी को रायपुर में

कवि राजेश जैन राही की 10वीं कृति गद्य व्यंग्य संग्रह "नैतिकता की खोज" का विमोचन 29 जनवरी 2023 रविवार संध्या 5 से 8 बजे वृंदावन सभागार, सिविल लाइंस रायपुर में होगा ।

BBC की वायरल की जा रही डाक्यूमेन्टरी तथा बागेश्वर धाम को लेकर मचाया जा रहा सियापा…

#अंधश्रद्धा_निर्मूलन समिति चलाने वाला #श्याम_मानव किसका #प्यादा है? वो समझने के लिए पोस्ट की तस्वीर ही पर्याप्त है....यह व्यक्ति दुष्प्रचार मे माहिर है और इसको हैंडल करने वाले मदारियों का…

पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की राम कथा के दौरान आईएमए ने स्वास्थ्य शिविर में 1000…

कथा के दौरान इस शिविर के माध्यम से 1,000 से अधिक लोगों का इलाज किया गया, जिसमें कुछ लोग अति गंभीर अवस्था में पहुंचे थे जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद मेकाहारा रिफर कर दिया गया और कुछ को उनके…

धीरेंद्र शास्त्री के हिंदू राष्ट्र का मतलब लोग मुस्लिम विहीन राष्ट्र क्यो समझते हैं?

हिंदू राष्ट्र बनाने की बात करते हो खुले मंच से, लेकिन अपने एक मुस्लिम मित्र का नाम लेते नहीं लजाते। इस देश का कमोबेश 50 करोड़ हिंदू तुम्हें सुन रहा होगा और अपने एक मुस्लिम मित्र का ₹20000 का…

बिलार की तरह बाघ से लड़ने वाले चुनावी नेता

Positive India:Dayanand Pandey: एक पुराना चुनावी वाकया याद आ गया है। 1985 में उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव हो रहे थे। तब मैं जनसत्ता, दिल्ली छोड़ कर नया-नया स्वतंत्र भारत, लखनऊ आया था।…

जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन से तत्काल मरीजों के हित में काम पर लौटने की अपील

6 दिन से चली आ रही हड़ताल से पूरे प्रदेश के मरीजों को व्यवस्था ठप होने से तकलीफ हो रही है । हड़ताल का औचित्य मुख्यमंत्री बघेल से सकारात्मक बातचीत के बाद समाप्त हो जाता है। वैसे भी अस्पतालों…

आस्था बनाम प्रमाण

हनुमान चालीसा का पाठ शास्त्रीजी जैसे मासूम भक्त भी करते हैं और सुधीर चौधरी जैसे समझदार बौद्धिक व्यक्ति भी। सुधीर चौधरी से इंटरव्यू में शास्त्री जी कहते हैं हनुमान चालीसा जब लोग पढ़ते हैं,…

रावण की स्त्रियों के बारे क्या सोच थी वह रावण की ही थी तुलसी की नहीं

नारियाँ स्वतंत्र होकर बिगड़ जाती हैं । यद्यपि यह बात तुलसीदास ने चार सौ वर्ष पहले कही थी जब युग ही दूसरा था लेकिन आज भी जिस तरह स्त्रियाँ कभी सूटकेस में कभी तंदूर में कभी प्लास्टिक बैग में…