नफ़रत और घृणा से भरी हुई दुकान है इन सब की भी। पर चलती हुई दुकान है। कुछ इस तरह समझिए कि राठी , रवीश कुमार , प्रसून , अजित अंजुम आदि की दुकान का एक्सटेंशन है कुणाल कामरा। राहुल गांधी का चंपू।
रतन टाटा इसी समर्पित परम्परा के बड़े व्यक्ति रहे। अपने कर्मियों के लिए समर्पित व्यक्ति, सामाजिक कार्यों के लिए सर्वाधिक धन देने वाले उद्योगपति, पर्यावरण के लिए, देश के विकास के लिए, इस देश की…