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पिता को कैद करने वाला, चार-चार भाइयों का कातिल, हजारों मंदिरों को तुड़वाने वाला,फिर…

पढ़ो हमारे चाटुकार और दरबारी इतिहासकारों की लिखी किताबें। हमारी जय - जयकार करो ! भाईचारा निभाओ। गंगा जमनी तहज़ीब का डंका बजाओ ! नहीं टोपी की तरह तुम्हें भी बुन देंगे ! ख़बरदार जो मुझे क्रूर ,…

छावा: चालीस दिनों तक तड़पाने के बाद शम्भू जी और कवि कलस के शरीर को टुकड़ों में काटा…

सिकन्दर से अब्दाली तक हर बार क्रूरता की नई परिभाषाएं देखी लोगों ने, छील दिए गए चमड़े के ऊपर नमक का लेप स्वीकार किया, रस्सियों में बंध कर पशुवत जीवन स्वीकार किया, पर स्वाभिमान त्यागना स्वीकार…

Chhava में छत्रपति शम्भाजी महाराज पर दर्शाए अत्याचार अतिरंजना नहीं, सच्चाई है।

जो योगेंद्र सलीम यादव ncert की बुक्स में लिखवाता है कि औरंगजेब टोपियां सिल कर गुजारा करता था, जो इरफ़ान हबीब बताता है कि वह तो दानी था, जो रोमिला आंटी आज भी मुगलों की याद में मल्टीपल ऑर्गेज़म…