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#editorial

नहीं सामाजिक समता की बात तो महात्मा बुद्ध भी करते थे , कार्ल मार्क्स भी

आरक्षण की खीर खाने के लिए कुतर्क करते रहिए। मौज करते रहिए। नो प्रॉब्लम। लेकिन आरक्षण की बैसाखी ले कर आप सरकारी नौकरी पा सकते हैं। सुविधाएं भी। पर सम्मान कभी नहीं।

हिंदुओं को उनके मंदिरों को जला देंगे अगर उन्होंने हमारे गांवों में मंदिर बनाया तो

कभी देखा है,किसी यहूदी को किसी जर्मन नाज़ी का महिमामंडन करते हुए?या देखा है फिलिस्तीनी हों या किसी भी राष्ट्र के अमन पसंद कौम वाले हों,इजरायल का पक्ष लेते हुए?

चित्तौड़ संसार में क्षत्रिय स्वाभिमान का आदर्श बना हुआ है

पूर्णाहुति अपने योद्धा पूर्वजों के प्रति मेरी श्रद्धा है। मेरा प्रणाम, मेरा समर्पण, मेरी निष्ठा... संसार को नहीं, स्वयं को दिया गया एक भरोसा कि वे सदैव मेरे लिए देवतुल्य ही रहेंगे।

मोदी विरोधियों को अपनी चुप्पी से अप्रासंगिक बना देते हैं

मोदी का धुर विरोधी भी मानता है कि सन चौदह के बाद भारत में बदलाव तो आया है। वह भले उस बदलाव की आलोचना करे, उसे दिन भर कोसता रहे, पर इस बदलाव को नकार नहीं पाता। यही आपकी जीत है, यही आपकी सफलता…

उन जातियों के नौजवानों से जिनका कोई वोट बैंक नहीं है

जातिगत जनगणना लोकतंत्र का सबसे विद्रूप रूप है । मैं उन जातियों के नौजवानों का आह्वान करता हूँ जिनकी संख्या किसी का वोट बैंक बनने लायक़ नहीं है कि वे जम कर पढ़ाई करें ।

हिंदी लेखकों और पत्रकारों के साथ घटतौली की अनंत कथा

हिंदी हमारी राष्ट्रभाषा भले न हो बाज़ार की सब से बड़ी भाषा है इस दुनिया में। हिंदी से ज़्यादा न सिनेमा बनता है, न धारावाहिक, न अखबार हैं हिंदी से ज़्यादा, न हिंदी से ज़्यादा किताबें छपती हैं…

आपको जानना चाहिए भारत में पाए जाने वाले विविध प्रकार के भूतों के बारे में

चुड़ैल! यह स्त्री भूत है। यह बहुत बदमाश होती है। एकदम स्वरा... छत पर या खेत में अकेले सोये लोगों के पास सुन्दर रूप धर के आती है।